सोना का भाव 6 महीने में 36 फीसदी बढ़ेगा, एक लाख का निवेश 1.36 लाख होगा
मुंबई- जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। हालांकि वैश्विक ब्रोकरेज UBS का मानना है कि यह कमजोरी अस्थायी है। कंपनी का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोना 5,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। यानी अभी के 4046 डॉलर की तुलना में सोने में करीब 36% की तेजी देखने को मिल सकती है।
भारत में सोने का भाव फिलहाल करीब ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में इतनी ही तेजी आती है, तो घरेलू कीमतें ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच सकती हैं। हालांकि रुपये-डॉलर की चाल, आयात शुल्क और घरेलू मांग भी कीमतों को प्रभावित करेंगे।
UBS का कहना है कि मजबूत निवेश मांग, केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी और आगे चलकर डॉलर में संभावित कमजोरी सोने को सहारा दे सकती है। जून की शुरुआत तक सोना जनवरी में बने अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 28% नीचे आ चुका था। ब्रोकरेज का कहना है कि हाल के महीनों में ऊंची ऊर्जा कीमतों, मजबूत अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की आशंकाओं ने सोने पर दबाव डाला है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ऊर्जा कीमतें बढ़ीं, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और अमेरिकी रियल यील्ड में भी तेजी आई। इन दोनों वजहों ने सोने की चमक कुछ समय के लिए फीकी कर दी।
UBS का कहना है कि जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो सोने जैसे ऐसे निवेश कम आकर्षक हो जाते हैं, जिन पर कोई ब्याज नहीं मिलता। वहीं डॉलर मजबूत होने से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा पड़ता है, जिससे वैश्विक मांग पर असर पड़ता है। पिछले कुछ समय से बाजार में यही स्थिति देखने को मिली है। इसी वजह से सोना दबाव में रहा और इसकी कीमतों में गिरावट आई।
UBS का कहना है कि सोने की तेजी के पीछे मौजूद बड़े कारण अब भी बरकरार हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, साल की पहली तिमाही में सोने की मांग मजबूत रही। इसके अलावा दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं।

