टेलीग्राम पर सरकार ने लगाया अस्थाई प्रतिबंध, छात्रों सहित 15 करोड़ प्रभावित
मुंबई- टेलीग्राम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पावेल डुरोव ने कहा है कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले भारत में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध से 15 करोड़ से अधिक यूजर्स प्रभावित हुए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में डुरोव ने कहा कि भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एक सप्ताह के लिए टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाया, क्योंकि कुछ यूजर्स कथित तौर पर परीक्षा के लीक हुए प्रश्न साझा कर रहे थे। इससे भारत में टेलीग्राम के 15 करोड़ से अधिक यूजर्स प्रभावित हुए।
उन्होंने कहा कि टेलीग्राम ने पिछले कुछ हफ्तों में सैकड़ों ऐसे चैनलों को हटा दिया है, जिन पर भारत में कथित रूप से परीक्षा से संबंधित लीक सामग्री साझा करने और उससे जुड़े घोटाले चलाने के आरोप थे। डुरोव ने यह भी कहा कि कंपनी संदेशों पर दिखाई देने वाले ‘एडिटेड’ लेबल को और अधिक स्पष्ट बनाने पर काम कर रही है, ताकि पुराने समय की मुहर (टाइमस्टैम्प) बदलकर किए जाने वाले धोखाधड़ी और सामग्री में हेरफेर को रोका जा सके।
भारत सरकार ने 21 जून को होने वाली नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए 22 जून तक टेलीग्राम सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। यह पुनर्परीक्षा 3 मई को आयोजित मूल परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद कराई जा रही है।

