फेडरल बैंक पर कोर्ट ने लगाया 1.25 लाख का जुर्माना, ब्लॉक किया था डेबिट कार्ड
मुंबई- केरल के एरनाकुलम जिला उपभोक्ता आयोग (कंज्यूमर कोर्ट) ने ऐसा ही फैसला सुनाया है। कोर्ट ने फेडरल बैंक (Federal Bank) को आदेश दिया है कि वह अपने एक ग्राहक को 1.25 लाख रुपये का मुआवजा दे।
बैंक की गलती की वजह से खाते में पैसे होने के बावजूद ग्राहक और उनका परिवार विदेश में एयरपोर्ट पर परेशान होता रहा। कोर्ट ने इसे बैंक की लापरवाही और गलत तरीका माना है। 2015 से फेडरल बैंक के एक ग्राहक के पास बैंक का प्रीमियम ‘इंटरनेशनल डेबिट कार्ड’ था, जिससे एयरपोर्ट लाउंज जैसी सुविधाएं मिलती थीं। सितंबर 2021 में वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कुवैत से भारत लौट रहे थे। कुवैत एयरपोर्ट पर जब उन्होंने लाउंज और दुकानों पर कार्ड इस्तेमाल करना चाहा, तो कार्ड रिजेक्ट हो गया।
बैंक ने बिना कोई मैसेज या कॉल किए उनका डेबिट कार्ड बंद कर दिया था। नया कार्ड बैंक की ब्रांच में ही पड़ा रहा। स्थिति यह हो गई कि खाते में पैसे होने के बाद भी परिवार एयरपोर्ट पर पानी की बोतल भी नहीं खरीद पाया।फेडरल बैंक ने कोर्ट में कहा कि उन्हें ‘मास्टरकार्ड’ से अलर्ट मिला था कि ग्राहक का कार्ड डेटा चोरी (हैक) हो सकता है। धोखाधड़ी से बचाने के लिए उन्होंने कार्ड तुरंत ब्लॉक कर दिया और नया कार्ड जारी कर दिया। बैंक का दावा था कि उन्होंने एसएमएस भेजा था, लेकिन नेटवर्क खराबी के कारण वह ग्राहक तक नहीं पहुंच सका।
कोर्ट ने कहा कि ग्राहकों को फ्रॉड से बचाना अच्छी बात है, लेकिन बिना बताए या नया कार्ड पहुंचाए बिना पुराना कार्ड ब्लॉक कर देना बड़ी लापरवाही है। बैंक ने कोर्ट को जो तारीखें बताईं (अलर्ट मिलने की तारीख और नया कार्ड बनाने की तारीख), उनमें काफी अंतर था। इससे बैंक की बात पर भरोसा नहीं किया गया।
कंज्यूमर कोर्ट ने फेडरल बैंक को आदेश दिया कि वह ग्राहक और उसके परिवार को हुई परेशानी और तकलीफ के लिए 1 लाख रुपये दे। साथ ही कोर्ट केस के खर्च के रूप में 25 हजार रुपये देने का भी आदेश दिया। इस प्रकार कोर्ट ने बैंक पर कुल 1.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। बैंक को यह रकम 45 दिनों के अंदर देनी होगी।

