मराठी सीखने के लिए ऑटो-कैब ड्राइवरों को 1 साल की मोहलत, फडणवीस का ऐलान
मुंबई- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को घोषणा की कि राज्य सरकार के भाषा संबंधी आदेश को लेकर हो रहे विरोध और राजनीतिक विवाद के बीच, ऑटो-रिक्शा और कैब ड्राइवरों को मराठी सीखने के लिए एक साल का समय दिया जाएगा। फडणवीस ने कहा कि अगले एक साल तक ड्राइवरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, ताकि उन्हें मराठी का कामकाजी ज्ञान हासिल करने के लिए समय मिल सके।
फडणवीस ने कहा, “मैंने कैब और ऑटो ड्राइवरों से मुलाकात की। वे सभी इस बात से सहमत हैं कि हर किसी को मराठी आनी चाहिए, लेकिन उन्होंने कहा कि इस पेशे में अलग-अलग उम्र के लोग हैं और उनके लिए जल्दी मराठी सीखना मुश्किल है। उन्होंने एक योजना तैयार की है और इसके लिए एक साल का समय मांगा है। हालांकि, राज्य सरकार ने यह मांग मान ली है। इस साल कोई कार्रवाई नहीं होगी।”
बता दें कि यह घोषणा महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के उस बयान के कुछ दिनों बाद की गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जो ड्राइवर मराठी का कामकाजी ज्ञान दिखाने में विफल रहेंगे, उनके ऑथराइजेशन बैज सस्पेंड किए जा सकते हैं। महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर सख्ती के बीच मुंबई के कुछ ऑटो ड्राइवर बिहार और उत्तर प्रदेश लौटने लगे हैं। वहीं, पुणे में कुछ ड्राइवर RTO की कार्रवाई से बचने के लिए यात्रियों से बातचीत के दौरान सतर्कता बरत रहे हैं।
सरनाईक ने कहा था कि अगर ड्राइवर को मराठी की कामकाजी जानकारी नहीं है, तो उसका ड्राइवर बैज शुरू में एक महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा। इस महीने की शुरुआत में बदले गए नियमों के मुताबिक, अगर ड्राइवर उस समय में भाषा नहीं सीख पाता है, तो बैज रद्द करने से पहले उसे तीन महीने का और समय दिया जाएगा।
बता दें कि भाषा से जुड़े इस नियम की वजह से दूसरे राज्यों से आए ड्राइवरों के बीच भी तनाव पैदा हो गया है। सोमवार को मुंबई के कांदिवली इलाके में चार ऑटो-रिक्शा ड्राइवरों ने कथित तौर पर मराठी बोलने वाले एक ड्राइवर के साथ मारपीट की, क्योंकि उसने मराठी भाषा की जानकारी की अनिवार्यता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से इनकार कर दिया था।

