नेस्ले के बेबी फूड में विटामिन की मात्रा कम, सैंपल लेब टेस्ट में हो गया फेल
मुंबई- फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने नेस्ले इंडिया के खिलाफ बच्चों के खाने-पीने के प्रोडक्ट्स और उनके विज्ञापनों में गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की है। FSSAI ने बताया, कंपनी के बेबी फूड्स में पोषक तत्वों (न्यूट्रिएंट्स) की कमी और भ्रामक दावों को लेकर 3 अलग-अलग केस दर्ज किए गए हैं।
FSSAI ने ई-कॉमर्स साइट्स पर बिकने वाले नेस्ले के बच्चों के प्रोडक्ट्स और उनके प्रचार-प्रसार के विज्ञापनों की जांच की थी। जांच में पाया गया कि कंपनी नियमों का पालन नहीं कर रही थी और विज्ञापनों में ऐसे दावे कर रही थी जो कानून के खिलाफ हैं।
नेस्ले के जिन तीन प्रोडक्टों फेल हुए हैं उनमें नान एक्सीला प्रो स्टेज 1 है। इसमें पोषण संबंधी सभी दावे फेल हैं। लैक्टोजेन प्रो 1 में प्रोटीन को पचने में आसान बताने वाला दावा भी गलत साबित हुआ है। नान एक्सीला प्रो स्टेज 1 के पैक और विज्ञापनों पर 5 HMOs और वे प्रोटीन जैसे दावे लिखे गए थे। वहीं, लेक्टोजन प्रो लैक्टोजेन प्रो 1 पर लिखा गया था कि इसमें मौजूद वे प्रोटीन ‘आसानी से पचने योग्य’ है। FSSAI के मुताबिक, इस तरह के दावे उत्पाद की बिक्री बढ़ाने के मकसद से प्रचार के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे थे।
FSSAI ने जब नेस्ले के ‘फॉलो-अप फॉर्मूला’ यानी बच्चों के दूध का पाउडर के सैंपल की लैब में जांच कराई, तो उसमें बच्चों की सेहत के लिए जरूरी ‘बायोटिन’ (विटामिन B7) सरकारी मानकों से काफी कम मिला। इस नतीजे की पक्की पुष्टि के लिए सैंपल को दोबारा एक बड़ी और स्वतंत्र लैब (रेफरल लैब) में भेजा गया। दूसरी जांच में भी यह बात साबित हो गई कि प्रोडक्ट में बायोटिन की मात्रा तय नियमों से कम थी और यह खराब क्वालिटी का था।

