ओला इलेक्ट्रिक को पहली तिमाही में 336 करोड़ रुपये का भारी घाटा, राजस्व 45 फीसदी गिरा
मुंबई- ओला इलेक्ट्रिक को जून तिमाही में 336 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि में यह 428 करोड़ रुपये था। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 45 फीसदी घटकर 455 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 828 करोड़ रुपये था।
तिमाही दर तिमाही आधार पर ओला प्रदर्शन में अच्छी रिकवरी दिखी। मार्च तिमाही के रेवेन्यू के मुकाबले जून तिमाही में रेवेन्यू 72 फीसदी ज्यादा रहा। मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 265 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में कंपनी का नेट लॉस 500 करोड़ रुपये था।
जून तिमाही में व्हीकल्स की डिलीवरी करीब दोगुनी 39,192 यूनिट्स रही। तिमाही दर तिमाही आधार पर रजिस्ट्रेशन 97 फीसदी बढ़ा। इस दौरान इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट की ग्रोथ 17 फीसदी रही। जून तिमाही में ओला इलेक्ट्रिक की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 8.4 फीसदी हो गई। मार्च तिमाही में यह 5.1 फीसदी थी।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “FY27 की पहली तिमाही में पिछले साल किए गए बदलावों का असर दिखा। सेल्स, रजिस्ट्रेशन, फुलफिलमेंट, सर्विस और बैटरी आरएंडडी में AI आधारित प्रोसेसेज के इस्तेमाल से कंपनी को खर्च घटाने में मदद मिली।” जून तिमाही में कंपनी ने क्वालिफायड इंस्टीट्यूशन प्लेसमेंट से 780 करोड़ जुटाने का प्रोसेस पूरा किया। इससे कंपनी की बैलेंसशीट को मजबूती मिली।
Ola Electric का शेयर 7 अगस्त को 0.89 फीसदी गिरकर 41.07 रुपये पर क्लोज हुआ। बीते तीन महीने में यह शेयर 17 फीसदी चढ़ा है। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने के बाद जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया।

