अदाणी समूह का 1.53 लाख करोड़ निवेश, गौतम ने 34वीं एजीएम में दी जानकारी
मुंबई- अडाणी ग्रुप दो लाख करोड़ रुपये के निवेश की योजना पर काम कर रहा है। इसका लक्ष्य अगले पांच साल में बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 45 गीगावॉट करना है। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने एनुअल जनरल मीटिंग में तीन बुनियादी पहलों का ऐलान किया है। इनका मकसद पूरे ग्रुप में काम करने के तरीके को बेहतर बनाना, एफिशिएंसी बढ़ाना और वर्कफोर्स के वेलफेयर को मजबूत करना है।
ग्रुप ने भूटान में 5,000 मेगावाट की हाइड्रोपावर क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही, ‘अडाणी एटॉमिक एनर्जी’ के माध्यम से साल 2035 तक 10 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता बनाने का लक्ष्य रखा है। गौतम अडाणी ने AGM में अपना विजन बताते हुए कहा, “हम अब उन बहुत कम ग्लोबल कंपनियों में से एक हैं जो भविष्य को लेकर केवल रिएक्ट नहीं कर रही हैं, बल्कि इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
अडाणी ने ग्रुप को मजबूत करने के लिए जो तीन बड़े प्लान शेयर किए हैं, उनमें पहला कदम ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर को आसान बनाना है। इसके तहत हेडक्वार्टर और प्रोजेक्ट साइट्स पर 3-लेयर मैनेजमेंट फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ब्यूरोक्रेसी को कम करना, जवाबदेही को तय करना और यह सुनिश्चित करना है कि हर रोल और प्रोसेस से वैल्यू क्रिएट हो सके।
अडाणी ग्रुप का तीसरा सबसे बड़ा फोकस अपने कर्मचारियों के वेलफेयर और गरिमा पर है। अडाणी ने बताया कि ग्रुप के ऑपरेशन्स से करीब 4 लाख लोग जुड़े हुए हैं, जिनमें से लगभग 85% लोग प्रोजेक्ट साइट्स और इंडस्ट्रियल फैसिलिटीज में काम करते हैं। उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हर वर्कर के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो।” इसके लिए ग्रुप उन्हें साफ-सुथरी रहने की जगह, क्वालिटी फूड, मेडिकल सपोर्ट और फेयर वेजेस यानी सही सैलरी देने पर ध्यान दे रहा है।
चेयरमैन ने कहा, हम न तो झुके और न ही थमे।” ग्रुप ने FY26 के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर में 1.5 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया है। यह निवेश उस साल भारत में कुल नए प्राइवेट सेक्टर कैपिटल एक्सपेंडिचर का 30% से अधिक है।

