डाटा सेंटर बनेगा अगला ग्रोथ इंजिन, इन शेयरों में आएगी भारी तेजी, यह है लिस्ट

मुंबई- भारत का डाटा सेक्टर अगले 10 साल का बड़ा ग्रोथ थीम बन सकता है। नोमुरा के मुताबिक कैलेंडर ईयर 2025-2030 के दौरान इस सेक्टर में सालाना 30 फीसदी (CAGR) ग्रोथ संभव है। इसको AI,क्लाउड और डिजिटिलाइजेशन का सपोर्ट मिलेगा। ऐसे में डाटा सेंटर थीम पर नोमुरा का बुलिश नजरिया है।

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि निवेशक डेटा सेंटर सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों जैसे ABB इंडिया, सीमेंस इंडिया,CG पावर,GE वर्नोवा,कमिंस इंडिया और हिताची एनर्जी इंडिया के शेयरों में दांव लगा सकते हैं।

नोमुरा का कहना है कि एशिया पैसिफिक में भारत में डाटा सेंटर सबसे तेजी से बढ़ा है। इसकी डिमांड ग्रोथ को AI, क्लाउड और डिजिटाइजेशन से सपोर्ट मिल रहा है। 2025 में IT लोड 1.5-1.6 GW था जो 2030 तक बढ़कर 7 GW हो सकता है। अगले दशक में 15 GW से ज्यादा की नई क्षमता बढ़ने का अनुमान है।

AI,क्लाउड,डिजिटाइजेशन डाटा सेंटर की तगड़ी डिमांड है। GenAI और क्लाउट के इस्तेमाल से डिमांड में तेज उछाल है। ज्यादा AI वर्कलोड के चलते डाटा सेंटर्स की जरूरत बढ़ेगी। GPU-हैवी इंफ्रास्ट्रक्चर की डिमांड मजबूत रहेगी। एंटरप्राइज कंपनियों की थर्ड पार्टी क्लाउड की ओर शिफ्टिंग होगी। को-लोकेशन की मांग लगातार बढ़ रही है।

नोमुरा का कहना है कि भारत डाटा सेंटर में सबसे आगे होगा। भारत को डाटा सेंटर सेक्टर का सबसे बड़ा फायदा मिलेगा। भारत में डाटा बनाने की लागत सिर्फ $6-7 मिलियन/MW है। विकसित देशों में ये लागत $10-18 मिलियन/MW है। भारत में डाटा सेंटर कैपेक्स लागत काफी कम है। सस्ती बिजली से ऑपरेटिंग कॉस्ट कम होगी। रिन्युएबल PPA मॉडल से बेहतर रिटर्न की संभावना है।

नोमुरा का कहना है कि डाटा सेंटर कैपेक्स का फायदा स्विचगियर और ट्रांसफॉर्मर सेक्टर को मिलेगा। देश में स्विचगियर और ट्रांसफॉर्मर की मांग बढ़ेगी। डाटा सेंटर कैपेक्स से UPS और बैटरी सिस्टम, बैकअप जेनसेट्स की डिमांड बढ़ेगी। इससे प्रेसीजन कूलिंग सिस्टम्स की मांग बढ़ेगी। रैक,बसवे और स्ट्रक्चर्ड केबलिंग पर होने वाला खर्च बढ़ेगा।

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