आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का बीएसई इंश्योरेंस ईटीएफ एनएफओ 28 जुलाई तक
मुंबई- आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड आपके लिए एक नया निवेश विकल्प लेकर आया है। ICICI Prudential BSE Insurance ETF लॉन्च किया गया है, जो बीएसई इंश्योरेंस इंडेक्स को ट्रैक करने वाला एक ओपन-एंडेड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) है। इसका उद्देश्य बेंचमार्क इंडेक्स के प्रदर्शन के अनुरूप रिटर्न देने की कोशिश करना है। इस स्कीम का न्यू फंड ऑफर (NFO) 20 जुलाई 2026 से निवेश के लिए खुल गया है और निवेशक इसमें 28 जुलाई 2026 तक पैसा लगा सकते हैं।
अगर आप भारत के तेजी से बढ़ते बीमा सेक्टर की ग्रोथ में निवेश करना चाहते हैं, तो यह फंड आपके लिए बेहतर है। यह ओपन-एंडेड सेक्टोरल फंड है, जिसमें कम से कम 1,000 रुपये से निवेश किया जा सकता है। इसमें न तो कोई लॉक इन पीरियड है और न ही कोई एग्जिट लोड है।
भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) के अनुसार, भारत अगले एक दशक में जर्मनी, कनाडा, इटली और दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का छठा सबसे बड़ा बीमा बाजार बन जाएगा। IRDAI ने ‘2047 तक सभी के लिए बीमा (Insurance for All by 2047)’ का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को लाइफ, हेल्थ और प्रॉपटी इंश्योरेंस की पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराना तथा प्रत्येक उद्यम को उसकी जरूरत के अनुरूप जोखिम सुरक्षा (रिस्क प्रोटेक्शन) तक पहुंच सुनिश्चित करना है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी में प्रिंसिपल – इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी चिंतन हरिया ने कहा, “बढ़ती आय, वित्तीय जागरूकता में इजाफा, स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती जरूरत, अनुकूल नियामकीय सुधार और सरकार का ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ का विजन मिलकर भारत के बीमा उद्योग के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। इसके बावजूद भारत में बीमा की पहुंच (इंश्योरेंस पेनिट्रेशन) अभी भी वैश्विक औसत से कम है, जो भविष्य में मजबूत वृद्धि की व्यापक संभावनाओं का संकेत देती है।”
फंड हाउस के मुताबिक, निवेश का मकसद हासिल करने के लिए यह स्कीम पैसिव इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी पर चेलगी। इस फंड का मकसद बीएसई इंश्योरेंस इंडेक्स के प्रदर्शन को दोहराना है। हालांकि इसमें ट्रैकिंग एरर की भी संभावना है। बीएसई इंश्योरेंस इंडेक्स में बीमा सेक्टर की वे कंपनियां शामिल हैं जो BSE 1000 यूनिवर्स का हिस्सा हैं। यह इंडेक्स पहले से तय तरीके का इस्तेमाल करके इंश्योरेंस सेक्टर के व्यवहार और परफॉर्मेंस को दिखाने की कोशिश करता है।
फंड मुख्य रूप से अपने बेंचमार्क इंडेक्स में शामिल कंपनियों के शेयरों में निवेश करेगा। प्रत्येक शेयर में निवेश का अनुपात (रेश्यो) इंडेक्स में उसके वेटेज के अनुरूप होगा, ताकि इंडेक्स के प्रदर्शन को करीब से ट्रैक किया जा सके। वहीं, नकदी की उपलब्धता और रोजाना के काम-काज संबंधी खर्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए स्कीम अपनी कुल एसेट्स का 0 से 5 फीसदी तक हिस्सा लिक्विड एसेट्स में रख सकती है।
भारत सरकार ने इंश्योरेंस कंपनियों में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की सीमा को 74 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी कर दिया है, जिससे पूरी तरह से विदेशी मालिकाना हक संभव हो गया है। इससे बीमा सेक्टर में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा कम वैल्यूएशन, कम इंश्योरेंस पैठ और बढ़ती मांग निवेश का एक बड़ा मौका बनाती है।

