मीशो का शेयर 8 दिनों में 18 प्रतिशत से ज्यादा टूटा, आगे और गिरावट आएगी
मुंबई- दिग्गज ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो के शेयरों में पिछले 8 दिनों में 18 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। उधर, वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी के बेयरेश रुझान से झटका लगा। मैक्वेरी ने अंडरपरफॉर्म रेटिंग के साथ इसकी कवरेज शुरू की है और इसका जो टारगेट प्राइस फिक्स किया है, वह इसके मौजूदा लेवल से भी 23% से अधिक डाउनसाइड है।
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी का कहना है कि मजबूत ऑर्डर ग्रोथ को लेकर मीशो बेहतर स्थिति में है। मैक्वेरी ने फ्री कैश फ्लो जेनेरेशन पर कंपनी के फोकस को लेकर सराहना भी की है। हालांकि इसके बावजूद ब्रोकरेज का मानना है कि ऑर्डर की औसत वैल्यू में गिरावट इसकी सेहत पर दबाव डाल सकती है और लॉन्ग-टर्म प्रॉफिटेबिलिटी को सीमित कर सकती है। मैक्वेरी के मुताबिक इसका मौजूदा वैल्यूशन इस धारणा पर आधारित है कि मीशो के ग्रोथ ड्राइवर्स अगले पांच वर्षों तक अत्यधिक प्रभावी बने रहेंगे, साथ ही प्लेटफॉर्म के मोनेटाइजेशन में अहम सुधारों को भी ध्यान में रखा गया है।
मीशो के शेयरों की पिछले साल 2025 में 10 दिसंबर को मार्केट में एंट्री हुई थी। ₹5421 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹111 के भाव पर शेयर जारी हुए थे। लिस्टिंग के कुछ ही दिनों बाद यह उछलकर बीएसई पर ₹254.65 के भाव पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई से 3 ही महीने में यह 50.64% फिसलकर 16 मार्च 2026 को ₹125.70 के भाव पर आ गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

