एनएसई आईपीओ में शेयर का भाव 1500-1600, बैंक ऑफ बड़ौदा बेचेगा 35 फीसदी हिस्सा
मुंबई- पब्लिक सेक्टर का बैंक ऑफ बड़ौदा NSE में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचने जा रहा है। बैंक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए NSE के IPO में 76,90,375 तक शेयर बेच सकता है। यह बैंक की NSE में कुल हिस्सेदारी का 35% है। बिक्री के लिए जरूरी रेगुलेटरी मंजूरी लेनी होगी।
Bank of Baroda ने बताया कि OFS की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत NSE के शेयर 8 सितंबर 2026 को एस्क्रो अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। NSE के मुताबिक, यह बिक्री सितंबर 2026 के अंत तक पूरी हो सकती है। Bank of Baroda को शेयर बेचने की रकम OFS पूरा होने के बाद मिलेगी।
NSE का करीब ₹30,000 करोड़ का IPO 18 सितंबर को खुल सकता है। इसके 25 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्ट होने की उम्मीद है। NSE IPO का प्राइस बैंड 15 सितंबर को घोषित होने की उम्मीद है। इसके बाद 17 सितंबर को एंकर बुक खुलेगी। पब्लिक इश्यू 18 सितंबर को खुल सकता है। यह 21 और 22 सितंबर को भी खुला रह सकता है।
प्री-आईपीओ निवेशकों के लिए 8 सितंबर से 6 महीने का लॉक-इन पीरियड लागू होने के साथ ही यह साफ होने लगा है कि रिटेल निवेशकों की जेब पर यह इश्यू कितना भारी या हल्का पड़ने वाला है। 7 सितंबर को अनलिस्टेड मार्केट में NSE का शेयर लगभग 2,050 रुपये के लेवल पर बंद हुआ था। यह इसके फेयर वैल्यू के बेहद करीब है। वहीं, 7 सितंबर को ग्रे मार्केट में NSE के शेयर 300 रुपये का प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे थे।
ऐसे में अगर 2,050 रुपये में से 300 रुपये का प्रीमियम घटा दिया जाए, तो अपर प्राइस बैंड 1,750 रुपये से ऊपर नहीं जा सकता। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर एक्सचेंज मैनेजमेंट 1,750 रुपये से ज्यादा का भाव रखता है, तो वैल्यूएशन काफी महंगा माना जाएगा और प्राइमरी मार्केट के निवेशकों के पास लिस्टिंग गेन के लिए कुछ खास नहीं बचेगा।

