आईटी कंपनियों के शेयरों में एक लाख का निवेश बन सकता है 1.40 लाख रुपये
मुंबई- आईटी शेयरों में अगले दो-ढाई साल में कम से कम 30-40 फीसदी तेजी आ सकती है। सोविलो इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के फंड मैनेजर संदीप अग्रवाल का मानना है कि स्ट्रॉन्ग मैनेजमेंट टीम और अच्छे कैश फ्लो का फायदा इन कंपनियों को मिलेगा।
पिछले एक साल से आईटी कंपनियों के शेयरों की जमकर पिटाई हुई है। इन्फोसिस से लेकर टीसीएस और अन्य कंपनियों ने निवेशकों को जमकर रुलाया है। एआई और चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बीते डेढ़ दो सालों में जबर्दस्त तेजी दिखी है, जबकि आईटी शेयरों पर दबाव दिखा है।
अग्रवाल का कहना है कि दिसंबर तिमाही और मार्च तिमाही में आईटी कंपनियों पर एआई प्राइसिंग प्रेशर का कम दबाव दिखेगा। रेवेन्यू ग्रोथ में इम्प्रूवमेंट और ऑपरेटिंग लेवरेज से आईटी कंपनियों के मार्जिन में रिकवरी दिख सकती है।
अग्रवाल ने कहा, इस सेक्टर में काफी दम है। हमने पहले भी कहा है और फिर कहना चाहूंगा कि अगले तीन साल में टैक्स बाद प्रॉफिट (PBT) ग्रोथ 45 से 70 फीसदी से कम नहीं रहेगी।” सोविलो इनवेस्टमेंट मैनेजर्स ने आईटी स्टॉक्स में निवेश काफी बढ़ाया है। इससे सेक्टर को लेकर उसकी सोच का पता चलता है।
एआई की वजह से प्राइसिंग प्रेशर का असर आईटी कंपनियों की वैल्यूएशंस पर पड़ा है। अग्रवाल ने कहा कि एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग, सॉफ्टेवयर और हार्डवेयर से जुड़ी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों ने एटरप्राइज एआई इंप्लिमेंटेशन की रफ्तार बढ़ने के संकेत दिए हैं। इससे आईटी सर्विसेज की डिमांड बढ़ेगी। उनका मानना है कि एआई की वजह से अगले दो-तीन साल में आईटी सेक्टर में अच्छी ग्रोथ दिख सकती है।
बीते एक साल में कई दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट आई है। देश की सबसे बड़ी कंपनी टीसीएस का शेयर इस दौरान करीब 18 फीसदी गिरा है। इंफोसिस में इस दौरान करीब 24 फीसदी गिरावट आई है। विप्रो का शेयर 22 फीसदी से ज्यादा गिरा है। एचसीएल टेक करीब 6 फीसदी गिरा है।

