विप्रो लाएगा अब तक का बड़ा बायबैक, निवेशकों को मिलेगा 19 फीसदी फायदा
मुंबई- देश की चौथी सबसे बड़ी आईटी कंपनी विप्रो ने 15,000 करोड़ रुपये के शेयर बायबैक की घोषणा की। कंपनी ने बायबैक का मूल्य 250 प्रति शेयर तय किया है। हालांकि विप्रो ने बायबैक के लिए अभी रिकॉर्ड डेट की घोषणा नहीं की है। मार्च तिमाही में कंपनी के मुनाफे में 2 फीसदी की मामूली गिरावट देखने को मिली। ऑपरेशन से रेवेन्यू 7.6 फीसदी बढ़कर 24,236.3 करोड़ रुपये हो गया।
आईटी कंपनी विप्रो को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में मुनाफा 1.87% गिरकर 3,502 करोड़ रुपए रहा है। पिछले साल इसी तिमाही में यह 3,569 करोड़ रुपए था। हालांकि, पिछली तिमाही (दिसंबर) के मुकाबले मुनाफे में 12% से ज्यादा की रिकवरी देखने को मिली है। पिछली यानी अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में मुनाफा 3,119 करोड़ रुपए था। विप्रो ने 16 अप्रैल को नतीजे जारी किए हैं।
मार्च तिमाही में विप्रो का कुल रेवेन्यू 24,236 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही (22,504 करोड़ रुपए) के मुकाबले 7.69% ज्यादा है। पिछली तिमाही (दिसंबर) में कंपनी का रेवेन्यू 23,555.8 करोड़ रुपए था, जिससे इस बार 3% का सुधार हुआ है।
BSE पर बुधवार को कंपनी का शेयर 210.20 रुपए पर बंद हुआ था। इस लिहाज से कंपनी अपने निवेशकों को मौजूदा बाजार भाव से लगभग 19% ज्यादा दाम दे रही है। इसका सीधा फायदा उन शेयरधारकों को होगा जो अपने शेयर कंपनी को वापस बेचेंगे।
विप्रो कुल 60 करोड़ शेयर वापस खरीदेगी। यह कंपनी की कुल शेयर कैपिटल का 5.7% हिस्सा है। हालांकि, इस बायबैक को अभी कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है। अजीम प्रेमजी को 1966 में 21 साल की उम्र में अपने पिता से विप्रो का कंट्रोल विरासत में मिला था।

