सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स के चेयरमैन पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग पर लगाई रोक

मुंबई- बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड रिफाइनिंग कंपनियों में से एक राजेश एक्सपोर्ट्स के प्रमोटर और चेयरमैन राजेश मेहता पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने से अंतरिम रोक लगा दी है। सेबी की शुरुआती जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी ने अपनी साख और शेयर की कीमत बढ़ाने के लिए करीब 99% रेवेन्यू (लगभग ₹15.15 लाख करोड़ रुपए) सिर्फ कागजों पर बढ़ा-चढ़ाकर (फर्जी) दिखाया है।

इस घोटाले की आशंका का सीधा झटका सरकारी बीमा कंपनी LIC को भी लगा है, जिसकी राजेश एक्सपोर्ट्स में 10.8% हिस्सेदारी है। हालांकि, कंपनी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सेबी और अपने बीच का ‘कम्युनिकेशन गैप’ बताया है।

सेबी ने 109 पन्नों का एक अंतरिम आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि शुरुआती जांच के मुताबिक, राजेश एक्सपोर्ट्स ने अपनी कुल रिपोर्ट की गई बिक्री को बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। कंपनी का लगभग 99% रेवेन्यू केवल कागजों पर हो सकता है। आदेश में कहा गया है कि इतनी बड़ी मात्रा में रेवेन्यू बढ़ाना चौंकाने वाला है।

कंपनी के मुताबिक, यह सिर्फ एक अंतरिम आदेश है और सेबी ने अभी तक किसी भी पहलू पर कोई अंतिम या प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं निकाला है। कंपनी ने कहा कि कंपनी का घोषित किया गया रेवेन्यू पूरी तरह सही है और इसमें कोई बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना नहीं है। ऐसा लगता है कि सेबी और कंपनी के बीच किसी तरह का ‘कम्युनिकेशन गैप’ और भ्रम पैदा हुआ है।

60 साल के राजेश जे. मेहता बेंगलुरु के रहने वाले हैं और वे राजेश एक्सपोर्ट्स के फाउंडर और चेयरमैन हैं। उन्होंने कॉलेज छोड़ने के बाद बहुत कम उम्र में कीमती धातुओं के बिजनेस में कदम रखा था। शुरुआती दिनों में वे चांदी का व्यापार करते थे। इसके बाद वे ज्वेलरी बिजनेस में आए। उन्होंने साल 1989 में राजेश एक्सपोर्ट्स की स्थापना की और इसे दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड रिफाइनिंग और एक्सपोर्ट कंपनियों में से एक बना दिया।

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