ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 18 दिन में 67 प्रतिशत उछला, तीन दिन में 42 फीसदी बढ़ा

मुंबई- लगातार 3 कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज करने के बाद ओला इलेक्ट्रिक ​मोबिलिटी का शेयर 13 अप्रैल को लगभग 8 प्रतिशत तक टूट गया और BSE पर 37.71 रुपये तक चला गया। बाद में शेयर 6.5 प्रतिशत गिरावट के साथ 38.22 रुपये पर सेटल हुआ। शेयर इससे पहले के 3 कारोबारी सत्रों में 42 प्रतिशत तक उछला। वहीं अप्रैल महीने में अब तक यह 67 प्रतिशत बढ़ा है।

कंपनी में दिसंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 34.59 प्रतिशत हिस्सा था। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 71.24 रुपये और एडजस्टेड लो 21.21 रुपये है। ओला इलेक्ट्रिक के शेयर को कवर करने वाले 8 एनालिस्ट्स में से 6 ने बेचने की सलाह दी है।

कंपनी अगस्त 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका IPO 6145.56 करोड़ रुपये का रहा था। ओला इलेक्ट्रिक के शेयर में हाल के दिनों में आई तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण कंपनी का नया तकनीकी ऐलान माना गया। ओला इलेक्ट्रिक ने अपने इन-हाउस डेवलप्ड लीथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) बैटरी की तैयारी पूरी कर ली है। इसका 46100 फॉर्मेट LFP सेल तैयार हो गया है, जो मौजूदा NMC 4680 भारत सेल से बड़ा है और स्केल, लागत और उपयोगिता के लिहाज से बेहतर है।

इसके अलावा संकेत है कि कंपनी के इलेक्ट्रिक-टूव्हीलर की डिमांड अब स्थिर हो सकती है। साथ ही अब यह 80 प्रतिशत से ज्यादा वाहनों की सर्विस एक दिन में कंप्लीट कर रही है। यह कस्टमर एक्सपीरिएंस में सुधार का संकेत है। हाल ही में ओला ने अपने Roadster 9.1 मॉडल की कीमत में 60,000 रुपये तक की कटौती का ऐलान भी किया।

स्टॉक एक्सचेंजों BSE और NSE ने ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों के लिए सर्किट लिमिट 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी है। यह 13 अप्रैल 2026 से लागू है। प्राइस बैंड या सर्किट लिमिट वह सीमा होती है, जिसके अंदर कोई शेयर एक दिन में ऊपर या नीचे जा सकता है।

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