15 साल के वैभ‌व सूर्यवंशी की 7 करोड़ रुपये कमाई, अब इतना देना होगा टैक्स

मुंबई- महज 15 साल की उम्र में क्रिकेट सनसनी वैभव सूर्यवंशी कथित तौर पर करीब 7 करोड़ रुपये की संपत्ति बना चुके हैं। IPL कॉन्ट्रैक्ट, टूर्नामेंट की इनामी राशि, स्पॉन्सरशिप और ब्रांड एंडोर्समेंट से उनकी कमाई तेजी से बढ़ी है।भारतीय आयकर कानून के मुताबिक, 18 साल से कम उम्र का व्यक्ति नाबालिग माना जाता है। नाबालिग भी अलग-अलग तरीकों से कमाई कर सकते हैं, लेकिन उनके लिए टैक्स के नियम बड़ों से अलग होते हैं।

आमतौर पर नाबालिग की कमाई पर अलग से टैक्स नहीं लगाया जाता। ज्यादातर मामलों में उसकी आय माता या पिता की आय में जोड़ दी जाती है। इसे ‘क्लबिंग ऑफ इनकम’ कहा जाता है। यह नियम खास तौर पर उन आय पर लागू होता है, जो सेविंग अकाउंट के ब्याज, एफडी के ब्याज, बच्चे के नाम पर निवेश और गिफ्ट या अन्य वित्तीय संपत्तियों से आय होती है।

इस नियम का मकसद लोगों को बच्चों के नाम पर संपत्ति डालकर टैक्स बचाने से रोकना है। अगर माता और पिता दोनों कमाते हैं, तो बच्चे की आय उस माता-पिता की आय में जोड़ी जाती है जिसकी आय ज्यादा होती है। वहीं, अगर माता-पिता का तलाक हो चुका है, तो बच्चे की आय उस माता-पिता की आय में जोड़ी जाती है जिसके पास बच्चे की कस्टडी है।

कानून में इसके कुछ बड़े अपवाद भी हैं। अगर कोई बच्चा अपनी प्रतिभा, कौशल, विशेष ज्ञान या मेहनत के दम पर कमाई करता है, तो उस आय को माता-पिता की आय में नहीं जोड़ा जाता। ऐसी कमाई पर टैक्स बच्चे के नाम से ही लगाया जाता है। इसमें क्रिकेट, फुटबॉल या दूसरे खेलों से कमाई, एक्टिंग और मॉडलिंग, गायन, यूट्यूब, इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया से, ब्रांड का विज्ञापन आदि हैं।

यानी अगर कोई बाल कलाकार, युवा क्रिकेटर, सोशल मीडिया क्रिएटर या किसी प्रतियोगिता का विजेता अपनी प्रतिभा के दम पर कमाई करता है, तो उसे अलग से आयकर रिटर्न दाखिल करना पड़ सकता है। वैभव सूर्यवंशी की कमाई क्रिकेट में उनके प्रदर्शन, IPL कॉन्ट्रैक्ट, टूर्नामेंट की पुरस्कार राशि, स्पॉन्सरशिप और ब्रांड एंडोर्समेंट से हो रही है। चूंकि यह कमाई उनकी व्यक्तिगत प्रतिभा और मेहनत से पैदा हुई है, इसलिए यह क्लबिंग ऑफ इनकम नियम में नहीं आती।

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