बाजार की गिरावट में निवेशकों के डूबे 31 लाख करोड़, निफ्टी में ज्यादा घाटा

मुंबई- शेयर बाजार में जारी तेज गिरावट ने देश की कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों को बुरी तरह प्रभावित किया है। निफ्टी 50 में शामिल 18 शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्च स्तर से 20 फीसदी से ज्यादा नीचे आ चुके हैं। एक साल के ऊपरी भाव पर इन कंपनियों के मार्केट कैप में 31 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई है।

आमतौर पर किसी शेयर में उसके ऊपरी स्तर से 20 फीसदी या उससे ज्यादा की गिरावट को तकनीकी तौर पर मंदी के दायरे में पहुंचना माना जाता है। इस लिहाज से निफ्टी 50 की एक तिहाई से ज्यादा कंपनियां इस दायरे में आ गई हैं। निफ्टी 50 भी अपने ऊपरी स्तर से काफी नीचे है। सूचकांक 23,140.5 के स्तर पर है, जबकि 5 जनवरी 2026 को इसने 26,373.2 का 52 हफ्तों का उच्च स्तर छुआ था।

सबसे ज्यादा मार सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों पर पड़ी है। इन्फोसिस अपने 52 हफ्तों के उच्च स्तर से 42.1 फीसदी नीचे है। विप्रो में 39.9 फीसदी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में 37.9 फीसदी की गिरावट आई है। आईटीसी का शेयर 36.9 फीसदी नीचे है। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स में 35.1 फीसदी और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस में 32.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।

मारुति सुजुकी इंडिया अपने उच्च स्तर से 30.5 फीसदी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज 29.3 फीसदी, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज 28.4 फीसदी और एचडीएफसी बैंक 27.9 फीसदी नीचे है। इसके अलावा हिंदुस्तान यूनिलीवर में 26 फीसदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 23.9 फीसदी, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और ओएनजीसी में 23.3 फीसदी, ट्रेंट में 1.5 फीसदी, एनटीपीसी में 21.2 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 21 फीसदी और भारतीय स्टेट बैंक में 20.4 फीसदी की गिरावट आई है।

बाजार पूंजीकरण के लिहाज से सबसे बड़ा असर दिग्गज कंपनियों में दिखाई दिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण उसके 52 हफ्तों के उच्च स्तर पर करीब 21.35 लाख करोड़ रुपये था, जो घटकर करीब 16.59 लाख करोड़ रुपये रह गया है। यानी करीब 4.76 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है।

एचडीएफसी बैंक का बाजार पूंजीकरण करीब 15.49 लाख करोड़ रुपये से घटकर 11.34 लाख करोड़ रुपये रह गया है। भारतीय स्टेट बैंक का बाजार मूल्य भी 11.29 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 9.07 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है।

इन्फोसिस के बाजार पूंजीकरण में करीब 2.82 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है। इसका बाजार मूल्य 6.88 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 4.05 लाख करोड़ रुपये रह गया। वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का बाजार पूंजीकरण 11.67 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 7.53 लाख करोड़ रुपये रह गया ह

इनमें से कई शेयर पिछले वर्षों में काफी चढ़े थे और उनका मूल्यांकन ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। निफ्टी में भी ऊपरी स्तर से करीब 10 से 12 फीसदी की गिरावट आई है। मुनाफावसूली, वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में तेजी, महंगा कच्चा तेल और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी चुनौतियों ने बाजार पर दबाव बढ़ाया है।

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