इन चार शेयरों में घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बढ़ाया हिस्सा, देखिए क्या है इनका भाव

मुंबई- 2026 की शुरुआत में बदलाव दिखा। FIIs ने भले ही पैसा निकाला, लेकिन डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशल इनवेस्टर्स (DII) बाजार को संभालने के लिए आगे आए। लार्जकैप कंपनियां इस ट्रेंड की सबसे बड़ी फायदा उठाने वाली रहीं। मजबूत बिजनेस, स्थिर कमाई और इंडस्ट्री में पकड़ की वजह से ये शेयर संस्थागत निवेशकों की पसंद बने रहते हैं।

सरकारी कंपनी Bharat Heavy Electricals (BHEL) देश की बड़ी इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है। यह एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करती है। मार्च 2026 तिमाही में DII हिस्सेदारी 17.92% से बढ़कर 22.44% हो गई, यानी 4.52 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी। कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार इसकी बड़ी वजह रहा। Q3 FY26 में रेवेन्यू 7,277.09 करोड़ रुपये से बढ़कर 8,473.1 करोड़ रुपये हो गया।

नेट प्रॉफिट भी 134.7 करोड़ रुपये से बढ़कर 390.4 करोड़ रुपये पहुंच गया। नेट प्रॉफिट मार्जिन 1.85% से बढ़कर 4.61% हो गया, जो बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दिखाता है। सालभर में 750 अरब रुपये के ऑर्डर मिले, जिससे ऑर्डर बुक करीब 2.4 ट्रिलियन रुपये हो गई। आगे कंपनी सोलर प्रोजेक्ट्स और ग्रीन इनिशिएटिव्स पर जोर दे रही है।

इंडसइंड बैंक प्राइवेट सेक्टर का बड़ा बैंक है, जो रिटेल और कॉर्पोरेट दोनों तरह के ग्राहकों को सेवाएं देता है। मार्च 2026 तिमाही में DII हिस्सेदारी 35.14% से बढ़कर 40.38% हो गई, यानी 5.24 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी।

इस बढ़त की बड़ी वजह बैंक का गोल्ड लोन बिजनेस है। फरवरी में बैंक ने 245 नई ब्रांच में गोल्ड लोन सर्विस शुरू की। इससेकुल 500 ब्रांच में यह सुविधा उपलब्ध हो गई। गोल्ड लोन की मांग घरों, छोटे व्यापारियों और कृषि से जुड़े ग्राहकों में लगातार बनी हुई है, जिससे बैंक की ग्रोथ को सपोर्ट मिल रहा है।

विशाल मेगा मार्ट मिडिल और लोअर मिडिल क्लास के लिए हाइपरमार्केट चेन चलाती है। यहां कपड़े, FMCG और रोजमर्रा के कई सामान मिलते हैं। मार्च 2026 तिमाही में DII हिस्सेदारी 25.47% से बढ़कर 32.38% हो गई, यानी 6.91 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी।

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