भारतीय आमों में भारी केमिकल, जापान के बाद अब नेपाल ने भी लौटाया आम

मुंबई-नेपाल ने भारत से आम के आयात पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। क्‍वारंटीन जांच में आम की कई खेपों में कीटनाशक के अंश (रेसिड्यू) सुरक्षित सीमा से ज्‍यादा पाए गए। जापान ने हाल ही में क्‍वारंटीन से जुड़े नियमों के पालन में कमी के कारण भारतीय आमों के आयात पर रोक लगा दी थी।

जापान की इस रोक का असर प्रीमियम भारतीय किस्मों पर पड़ा। इनमें अल्फोंसो, केसर, लंगड़ा और बंगनपल्ली आम शामिल हैं। लगभग दो दशकों में इस तरह की यह पहली रोक थी। जापानी अधिकारियों ने ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल में कमियों का हवाला दिया। ये प्रोटोकॉल फ्रूट फ्लाई (फल की मक्खी) जैसे कीटों को फैलने से रोकने के लिए बनाए गए थे।

नेपाली अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला आयातित फलों की कड़ी निगरानी और खाद्य सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने के तहत लिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि इस रोक का मकसद ‘अधिकतम अवशेष सीमा’ (MRL) के नियमों का पालन सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को संभावित रूप से असुरक्षित उत्पादों से बचाना है।

रोक लगने से पहले, आधिकारिक चेकपॉइंट्स के जरिए लगभग 15.8 टन आम (जिनकी कीमत करीब 10 लाख रुपये थी) नेपाल में आ चुके थे। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम रेगुलेटरी है। इसका मकसद दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों पर असर डालना नहीं है। जापान के क्‍वारंटीन अधिकारियों ने इस साल की शुरुआत में भारत में मंजूरी प्राप्त ट्रीटमेंट सेंटर्स का निरीक्षण किया था। पाया था कि कीट-नियंत्रण और कीटाणु-शोधन (डिसइंफेक्शन) की प्रक्रियाओं में कमियां थीं।

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