ओला-उबर ड्राइवरों को अस्पताल, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन की राइड कैंसल करना पड़ेगा महंगा
मुंबई: महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली सरकार ने कैब राइड को सुरक्षित करने के लिए राज्य में नई पॉलिसी लागू की है। इस पॉलिसी में यात्रियों का उत्पीड़न रोकने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। नई नई एग्रीगेटर पॉलिसी मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में अब एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण जगहों के लिए बुक की गई कैब राइड मनमाने ढंग से रद्द करना चालकों को भारी पड़ेगा।
राज्य सरकार की नई एग्रीगेटर नीति के तहत ऐसी बुकिंग रद्द करने पर सामान्य जुर्माने से पांच गुना अधिक दंड लगाया जाएगा और वसूली गई राशि सीधे यात्री के ऐप खाते में जमा होगी। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया था कि इस नीति में कड़े प्रावधान किए गए हैं। इन्हीं में यह तय शामिल किया गया है कि मुंबई जैसे महानगर में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
आमतौर पर कम दूरी की बुकिंग का पता चलते ही कैब चालक उसे रद्द कर देते हैं, जिससे यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन अब सरकार के इस कदम से अंतिम समय में राइड कैंसिलेशन पर लगाम लगेगी। सरकार को उम्मीद है कि अब ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप-आधारित टैक्सी सेवा देने वाले ड्राइवर ऐसा करने से बचेंगे।
महाराष्ट्र नई एग्रीगेटर पॉलिसी के अनुसार यदि चालक तय समय से 10 मिनट के भीतर यात्री तक नहीं पहुंचता, तो इसे भी चालक द्वारा राइड रद्द माना जाएगा और 100 रुपये का जुर्माना लगेगा। वहीं एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और अस्पताल के लिए बुक की गई राइड रद्द करने पर यह जुर्माना पांच गुना तक होगा। तो वहीं दूसरी ओर बिना उचित कारण यात्रा रद्द करने पर यात्री को कुल किराए का 5 फीसदी या अधिकतम 100 रुपये जुर्माना देना होगा। तब यह राशि संबंधित चालक को मिलेगी। इससे राइड कैंसल होने की समस्या कम होगी।
महाराष्ट्र सरकार ने नई एग्रीगेटर पॉलिसी में साफ किया कि अगर कंपनियां बार-बार उल्लंघन करने, सुरक्षा में चूक या किराए में गड़बड़ी करेंगी तो सरकार उनका लाइसेंस रद्द कर सकती है। इतना ही नहीं 1 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगा सकती है।

