लगातार छठे महीने महंगाई बढ़कर 4.38% पर पहुंची, आरबीआई के लक्ष्य से आगे
मुंबई- आलू-अदरक समेत खाने-पीने की चीजों के दाम फिर बढ़ने से रिटेल महंगाई लगातार छठे महीने बढ़कर जून में 4.38% पर पहुंच गई है। जनवरी में यह 2.74% थी। वहीं एक महीने पहले मई में 3.93% थी। यानी, यह लगातार छठा महीना है जब महंगाई बढ़ी है।
इसके बाद कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। फरवरी में यह 3.21%, मार्च में 3.4%, अप्रैल में 3.48% और मई में 3.93% दर्ज की गई थी। पुरानी CPI सीरीज जिसका बेस ईयर 2012 था के तहत महंगाई दर दिसंबर में 1.33% और नवंबर में 0.71% रही थी।
17 महीने बाद यह पहला मौका है जब महंगाई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 4% के मिड टारगेट के पार निकल गई है। खाने-पीने के सामानों की महंगाई यानी फूड इंफ्लेशन जून में बढ़कर 5.32% पर पहुंच गई है। मई में यह आंकड़ा 4.38% पर था।
इस आधार पर कीमतों में आगे और बढ़ोतरी केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो आने वाली तिमाहियों में देश की आर्थिक ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। जून में ही RBI ने अल नीनो परिस्थितियों के कारण कम मानसून की आशंका और बढ़ती एनर्जी कीमतों के दोहरे रिस्क को देखते हुए अपने महंगाई के अनुमान को 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया था।
महंगाई के डेटा की तुलना पिछले साल की समान अवधि से नहीं की जा सकती, क्योंकि इसी साल जनवरी में इस इंडेक्स को रीसेट किया गया था। साल 2024 को बेस ईयर बनाकर नई सीरीज की शुरुआत की गई थी, जिसमें जनवरी में संशोधित रिटेल महंगाई 2.74% दर्ज हुई थी।

