एचडीएफसी बैंक के एमडी से ज्यादा सैलरी भरूचा को, कर्मचारियों की संख्या घटी

मुंबई- प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े लेंडर एचडीएफसी बैंक में एमडी और सीईओ से ज्यादा सैलरी डिप्टी एमडी को मिली है। बैंक की सालाना रिपोर्ट के अनुसार फाइनेंशियल ईयर 2026 में बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा बैंक के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले अधिकारी रही। उन्हें कुल ₹17.14 करोड़ का पेमेंट मिला। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO शशिधर जगदीशन को इस दौरान ₹15.13 करोड़ मिले।

HDFC Bank ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपनी कर्मचारी संख्या में कटौती दर्ज की है। बैंक की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार FY26 के दौरान कुल कर्मचारी संख्या 3,343 घटकर करीब 2.11 लाख रह गई। यह पिछले नौ वर्षों में पहली बार है जब बैंक के कुल कर्मचारियों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।

बैंक के सीईओ शशिधर जगदीशन की बात करें तो उन्हें वित्त वर्ष 2025-26 में ₹3.31 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹3.63 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाओं के रूप में, ₹39.70 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹49.64 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स के रूप में मिले। 7.29 करोड़ का परफॉरमेंस बोनस मिला और वित्त वर्ष 2026 के दौरान 4,28,405 स्टॉक ऑप्शंस भी एलॉट हुए।

एचडीएफसी बैंक के डिप्टी एमडी कैजाद भरूचा को ₹3.60 करोड़ की बेसिक सैलरी और ₹4 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाएं मिलीं। उन्हें ₹43.16 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹53.95 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स भी मिला तो उनका परफॉरमेंस बोनस ₹8.57 करोड़ रहा। कैजाद भरूचा को 6,23,651 स्टॉक ऑप्शंस मिले, जो बैंक के सभी पूर्णकालिक डायरेक्टर्स में सबसे अधिक था।

बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वी श्रीनिवास रंगन को ₹4.03 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹2.98 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाएं, ₹48.32 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹60.40 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स मिले। उन्हें ₹3.18 करोड़ का परफॉरमेंस बोनस मिला तथा वित्त वर्ष 2026 में 2,93,538 स्टॉक ऑप्शंस एलॉट हुए।

बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भावेश जावेरी का कार्यकाल 18 अप्रैल 2026 को समाप्त हो चुका है। उन्हें वित्त वर्ष 2026 में ₹2.02 करोड़ की बेसिक सैलरी, ₹2.53 करोड़ भत्ते और अन्य सुविधाएं, ₹24.26 लाख पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन और ₹30.33 लाख सुपरएन्युएशन बेनेफिट्स मिला। उन्हें ₹2.02 करोड़ का परफॉरमेंस बोनस भी मिला और 1,38,542 स्टॉक ऑप्शंस मिला।

नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स में सबसे अधिक संदीप पारेख को ₹1.20 करोड़ की सिटिंग फीस मिली। इसके बाद एमडी रंगनाथ को ₹96 लाख, रेणु कर्नाड को ₹83 लाख, हर्ष कुमार भनवाला ₹79 लाख, लिली वडेरा को ₹69 लाख, अतनु चक्रवर्ती को ₹59 लाख, सुनीता महेश्वरी को ₹45 लाख, संतोष केशवन को ₹40 लाख और अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री को ₹35 लाख की सिटिंग फीस मिली। सिटिंग फीस के अलावा पार्ट-टाइम चेयरमैन को छोड़कर सभी नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स को आरबीआई के कॉरपोरेट गवर्नेंस फ्रेमवर्क के हिसाब से ₹30 लाख का फिक्स्ड पारिश्रमिक भी मिला।

पार्ट टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती को ₹30 लाख की बजाय ₹48.25 लाख का फिक्स्ड पारिश्रमिक मिला। बैंक की सालाना रिपोर्ट के हिसाब से आरबीआई ने पूरे वित्तीय वर्ष के लिए उन्हें ₹50 लाख के फिक्स्ड पारिश्रमिक को मंजूरी दी थी लेकिन चूंकि चक्रवर्ती ने 18 मार्च 2026 को इस्तीफा दे दिया था, इसलिए उन्हें प्रो-राटा बेसिस यानी अनुपातिक आधार पर ₹48.25 लाख का पेमेंट मिला। बोर्ड और कमेटी की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए मिले ₹59 लाख के सिटिंग फीस को जोड़कर वित्त वर्ष 2026 में उन्हें ₹1.07 करोड़ मिले।

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