गोल्ड लोन की मांग में 84 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल, उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा ग्रोथ
मुंबई- देश के लोग अन्य लोन की बजाय गोल्ड लोन लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं और सोना महंगा होने से लोन अमाउंट भी ज्यादा मिल जा रहा है। गोल्ड लोन ग्रोथ की बात करें तो यह उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा है।एक्सपीरियन की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के रिटेल लोन बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। गोल्ड लोन अब लोगों के लिए एक भरोसेमंद और आसानी से उपलब्ध कर्ज विकल्प बनता जा रहा है। इसका फायदा उधार लेने वालों के साथ-साथ लोन देने वाली संस्थाओं को भी मिल रहा है। पिछले दो वर्षों में गोल्ड लोन डिमांड में तेज बढ़ोतरी हुई है।
वित्त वर्ष 2025 में गोल्ड लोन सोर्सिंग वैल्यू में 69% की वृद्धि हुई थी, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 84% पहुंच गई। इसी दौरान गोल्ड लोन इंडस्ट्री का कुल पोर्टफोलियो मार्च 2023 के ₹6.3 लाख करोड़ से बढ़कर मार्च 2026 में ₹19.4 लाख करोड़ हो गया। यह दर्शाता है कि गोल्ड लोन कैटेगरी में लगातार मजबूत वृद्धि बनी हुई है।
गोल्ड लोन बाजार की वृद्धि के पीछे कई कारण हैं। इनमें बड़े टिकट साइज वाले लोन, ग्राहकों की बढ़ती मांग तथा बैंकों, एनबीएफसी और गोल्ड लोन देने वाली विशेष कंपनियों की बढ़ती भागीदारी शामिल है। गोल्ड लोन अब केवल आपातकालीन जरूरतों के समय लिया जाने वाला कर्ज नहीं रह गया है। लोग इसे अपनी रोजमर्रा की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं। यही वजह है कि गोल्ड लोन तेजी से फॉर्मल लोन व्यवस्था का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
वित्त वर्ष 2023 में गोल्ड लोन का औसत टिकट साइज ₹98,000 था, जो बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹1.96 लाख हो गया यानी तीन साल में औसत लोन राशि लगभग दोगुनी हो गई, जो बड़े आकार के गोल्ड लोन की बढ़ती मांग को दर्शाती है।
गोल्ड लोन मार्केट दक्षिणी राज्यों में अधिक मजबूत है। लेकिन नए राज्यों में भी इसकी स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश में गोल्ड लोन सोर्सिंग में 138%, पश्चिम बंगाल में 112%, राजस्थान में 105% और महाराष्ट्र में 102% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि गोल्ड लोन अब पारंपरिक क्षेत्रों से निकलकर पूरे देश में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
रिपोर्ट के निष्कर्ष बताते हैं कि गोल्ड लोन बाजार तेजी से नए क्षेत्रों और विभिन्न ग्राहक वर्गों तक पहुंच बना रहा है। एक्सपीरियन के डेटा और विश्लेषण से यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि गोल्ड लोन अब बड़ी संख्या में लोगों के लिए औपचारिक कर्ज व्यवस्था में प्रवेश का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहकों के कर्ज लेने के तरीके में भी बदलाव आ रहा है। अब गोल्ड लोन ग्राहक अन्य प्रकार के लोन प्रोडक्ट का भी अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। दिसंबर 2021 में ऐसे ग्राहकों की हिस्सेदारी 10% थी, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 17% हो गई।

