नोमुरा ने कहा, इन 6 शेयरों में आ सकती है भारी तेजी, यह है इनकी कीमत
मुंबई- पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के फिर से खुलने की उम्मीद जगी है। इससे भारत के एनर्जी सेक्टर की कई कंपनियों को फायदा मिल सकता है। ब्रोकरेज फर्म Nomura का मानना है कि कच्चे तेल और LNG की कीमतें नरम पड़ने पर OMCs, LNG आयात करने वाली कंपनियों और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स को फायदा होगा। वहीं ONGC और Oil India जैसी कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है।
Nomura ने कहा, इंडियन ऑयल का शेयर 180 रुपये तक जा सकता है। मौजूदा स्तर से इसमें करीब 25% तक तेजी की संभावना है। इसे खरीद सकते हैं। कच्चे तेल की कीमतें घटने और LPG पर होने वाला नुकसान कम होने से IOC को फायदा मिलेगा। OMCs के मार्जिन अभी भी अपने पुराने औसत से बेहतर बने हुए हैं।
ब्रोकरेज का कहना है कि जुलाई से LPG के सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस नीचे आ सकते हैं। साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई सामान्य होने पर LPG आयात की लागत भी कम होगी। इससे कंपनियों का नुकसान और घट सकता है।
ब्रोकरेज ने कहा, भारत पेट्रोलियम का शेयर 365 रुपये तक सकता है। यानी 18 फीसदी का मुनाफा मिलने की उम्मीद है। BPCL उन कंपनियों में शामिल है, जिन्हें सस्ते कच्चे तेल का सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है। LPG कारोबार में नुकसान कम होने से कंपनी की कमाई को भी सहारा मिलेगा।
पेट्रोनेट एलएनजी का शएयर 345 रुपये तक जा सकता है। इसमें मौजूदा भाव से 21 प्रतिशत का मुनाफा मिलने की उम्मीद है। LNG की कीमतें नरम होने और कतर से सप्लाई सामान्य होने पर कंपनी को फायदा मिलेगा। लंबी अवधि के LNG कॉन्ट्रैक्ट फिर से पूरी तरह चालू होने से टर्मिनल इस्तेमाल बढ़ सकता है और कमाई में सुधार आ सकता है।
महानगर गैस के शेयरों को भी खरीद सकते हैं। इसका भाव 1,430 रुपये तक जा सकता है। यानी 26% तक रिटर्न मिलने की उम्मीद है। घरेलू और आयातित गैस दोनों की कीमतें कम होने से सिटी गैस कंपनियों के मार्जिन बेहतर हो सकते हैं। Mahanagar Gas के पास Henry Hub से जुड़ी LNG सप्लाई का एक्सपोजर है, जो सस्ती गैस मानी जाती है। Nomura के मुताबिक गैस खरीदने की लागत में थोड़ी भी कमी आने पर कंपनी के मुनाफे में अच्छा सुधार हो सकता है।
गुजरात गैस में निवेशकों को 28 फीसदी तक मुनाफा मिल सकता है। यह शेयर 411 रुपये तक जा सकता है। ब्रोकरेज का मानना है कि गैस खरीदने की लागत कम होने और इंडस्ट्रियल मांग मजबूत रहने से कंपनी की कमाई को सहारा मिलेगा। अगर गैस सस्ती होती है, तो उद्योगों में इसकी खपत बढ़ सकती है। साथ ही CNG और घरेलू गैस की मांग भी मजबूत बनी रह सकती है।

