सोने की कीमतें 6 माह में 40 फीसदी बढ़ सकती हैं, 2 लाख के ऊपर जाने का अनुमान
मुंबई- 2025 में करीब 65% की जोरदार तेजी दिखाने वाला सोना 2026 में अब तक ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया है। साल की शुरुआत के मुकाबले कीमतें लगभग उसी स्तर के आसपास हैं। हालांकि बीच-बीच में उतार-चढ़ाव जरूर देखने को मिला है।
इनवेस्टमेंट बैंक JP Morgan सोने को लेकर काफी पॉजिटिव है। बैंक का अनुमान है कि 2026 की चौथी तिमाही तक सोना औसतन 6,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। वहीं 2027 के अंत तक इसकी कीमत 6,300 डॉलर प्रति औंस के आसपास जा सकती है। मौजूदा स्तर से देखें तो यह करीब 40% की संभावित तेजी है।
इस साल सोने के लिए सबसे बड़ी चुनौती ईरान से जुड़ा तनाव और उसके बाद के घटनाक्रम रहे। फरवरी के आखिर से सोने की कीमतों में करीब 20% की गिरावट आ चुकी है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़े तनाव से कच्चे तेल की कीमतें उछल गई थीं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की चिंता भी बढ़ी। इसके बाद बाजार को लगने लगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रख सकता है।
सोना ब्याज नहीं देता। ऐसे में जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो निवेशकों का रुझान बॉन्ड और दूसरी ब्याज देने वाली एसेट्स की तरफ बढ़ जाता है। यही वजह है कि सोने पर दबाव बना रहा। इसके अलावा फेड की नीतियां, डॉलर की मजबूती, महंगाई, भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की खरीद जैसे कई फैक्टर्स भी सोने को सीमित दायरे में बांधे हुए हैं।
JP Morgan के मुताबिक सोना फिलहाल दो अहम स्तरों के बीच फंसा हुआ है। एक तरफ 200-डे मूविंग एवरेज का मजबूत सपोर्ट है। दूसरी तरफ 50-डे मूविंग एवरेज के आसपास रेजिस्टेंस बना हुआ है। यही वजह है कि फिलहाल कई निवेशक ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति अपनाए हुए हैं। बाजार यह देखना चाहता है कि सोना इन स्तरों से किस दिशा में निकलता है।
बैंक का मानना है कि लंबी अवधि में कई ऐसे फैक्टर्स हैं, जो सोने को सहारा दे सकते हैं। महंगाई लंबे समय तक ऊंची रह सकती है। डॉलर की खरीद क्षमता कमजोर पड़ सकती है। अमेरिका की वित्तीय चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। दुनिया में भू-राजनीतिक तनाव और ध्रुवीकरण बढ़ रहा है। अमेरिकी नीतियों को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है।
भारतीय निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर JP Morgan का अनुमान सही साबित होता है तो घरेलू बाजार में सोना कितना महंगा हो सकता है। फिलहाल MCX पर सोना करीब 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। JP Morgan का 6,000 डॉलर प्रति औंस का टारेगच मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कीमतों से करीब 40% ऊपर है। अगर सोने में इतनी ही तेजी आती है, तो भारतीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2.13 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है।
JP Morgan का मानना है कि सोने में बड़ी तेजी की संभावना 2026 की दूसरी छमाही में बन सकती है। हालांकि कई एक्सपर्ट्स निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदारी करने से बचने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि पहले तकनीकी संकेतों का इंतजार करना बेहतर रहेगा।

