ऑरेंज इकोनॉमी में बड़ा कदम: ग्रेडिएंट इंफोटेनमेंट का ₹5,000 करोड़ के निवेश का रोडमैप

हैदराबाद: क्रिएटिविटी, आर्ट और डिजिटल एंटरटेनमेंट..यही है देश की ऑरेंज इकोनॉमी का नया फ्यूचर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑरेंज इकोनॉमी विजन को रफ्तार देने के लिए मनोरंजन और डिजिटल मीडिया क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ग्रेडिएंट इंफोटेनमेंट ने बड़ा फैसला किया है। ऑरेंज इकोनॉमी विजन को रफ्तार देने के मकसद से कंपनी चरणबद्ध तरीके से करीब ₹5,000 करोड़ का निवेश करने जा रही है।

हैदराबाद में हुई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले फेज़ को मंजूरी दी गई। पहले फेज़ के तहत कंपनी कंटेंट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ₹1,050 करोड़ का फंड जुटाएगी।

ग्रेडिएंट इंफोटेनमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) विमल राज माथुर ने कहा, “भारत को ग्लोबल क्रिएटिव हब बनाने, देश की कला और डिजिटल कंटेंट को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाने और नए रोजगार पैदा करने के लिए यह ₹5,000 करोड़ का निवेश एक गेम-चेंजर साबित होगा। देश में जारी डिजिटल क्रांति के बीच ऑरेंज इकोनॉमी आने वाले समय में आर्थिक प्रगति का सबसे बड़ा जरिया बनेगी। हमारा विशेष ध्यान अफ्रीका और यूरोप के उभरते बाजारों में भारतीय कंटेंट की मजबूत पकड़ बनाने पर है।”

कंपनी ने अपने कंटेंट पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए दो बड़े प्रोजेक्ट्स का एलान किया है। जिसमें ₹15 करोड़ के बजट से 100 वर्टिकल माइक्रो-ड्रामा मोबाइल ऐप्स, सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म्स पर शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 100 वर्टिकल माइक्रो-ड्रामा बनाए जाएंगे। भारत, यूरोप और अफ्रीका की लोकेशंस पर शूट होने वाले इस प्रोजेक्ट से 31 मार्च 2027 तक कंपनी को लगभग ₹25 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है।

घरेलू और अंतरराष्ट्रीय म्यूजिक प्लेटफॉर्म्स पर अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए 100 नए म्यूजिक वीडियो बनाए जाएंगे। इसके लिए ₹50 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है। कंपनी का अनुमान है कि FY27 के अंत तक इनसे लगभग ₹75 करोड़ की कमाई होगी। कुल मिलाकर, कंपनी इन दोनों प्रोजेक्ट्स पर ₹65 करोड़ का निवेश करेगी और वित्तीय वर्ष 2027 के अंत तक इनसे कुल ₹100 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा गया है।

डॉ. माथुर का कहना है कि भारी-भरकम निवेश से न केवल भारतीय क्रिएटर्स के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि इंटरनेशनल स्तर पर ‘ब्रांड इंडिया’ का दबदबा और मजबूत होगा। वे एक ऐसा एंटरटेनमेंट का सुपरमार्केट बनाना चाहते हैं, जहां फिल्में, OTT, फैशन, विज्ञापन, म्यूजिक और लाइव इवेंट्स सब कुछ एक ही जगह मिल सके। इस ₹5000 करोड़ के निवेश से कंपनी दुनिया के क्रिएटिव मैप पर ‘ब्रांड भारत’ की इमेज को और मजबूत करना चाहती है।

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