इस हफ्ते बाजार की गिरावट से निवेशकों को 20 लाख करोड़ रुपये का नुकसान
मुंबई- इस हफ्ते बाजार की गिरावट से निवेशकों को 20 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।रुपये की गिरती कीमत, US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और FII की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला।
25 साल में पहली बार मार्केट लगातार 8 हफ्ते तक गिरा है। इस हफ्ते निफ्टी 3% से ज़्यादा गिरा है। यह 6 महीनों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। इस हफ्ते BSE-लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप लगभग ₹20 लाख करोड़ घट गया IT को छोड़कर सभी इंडेक्स में गिरावट रही। हॉस्पिटल और ऑटो इंडेक्स में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। इस हफ्ते सेंसेक्स 3%, निफ्टी बैंक 2% और मिडकैप इंडेक्स लगभग 4% नीचे गिरा।
गुरुवार को बाजार में फिर से भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कमजोर शुरुआत के बाद, शुरुआती घंटों में बेंचमार्क इंडेक्स एक सीमित दायरे में रहे, लेकिन दोपहर में तेज बिकवाली हुई। निफ्टी अपने अहम सपोर्ट जोन 22,400–22,600 के नीचे आ गया, जबकि सेंसेक्स ने सेशन के दौरान अप्रैल 2026 के निचले स्तर को तोड़ दिया।
विदेशी निवेशकों की तरफ से लगातार हो रही बिकवाली और US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी का असर बाजार के मूड पर दिखा, जिससे निवेशकों ने जोखिम लेने से परहेज किया। कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आई तेजी और लगातार विदेशी बिकवाली के बीच भारतीय रुपये में कमजोरी ने भी दबाव को और बढ़ा दिया।
टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने अहम लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल यानी 22,600 और 22,400 के आसपास 200 वीक SMA और EMA से साफ़ तौर पर नीचे आ गया और 22,180 के लेवल (जो अप्रैल 2026 का निचला स्तर था) की ओर बढ़ गया, जिससे बाज़ार में मंदी का माहौल और मज़बूत हुआ है। 22,000–22,200 का जोन अगले अहम सपोर्ट जोन के तौर पर काम कर सकता है, जबकि 22,500–22,600 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस बन सकता है।

