तेजी से बंद हो रहे एसआईपी खाते, लेकिन मासिक निवेश रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
मुंबई– म्यूचुअल फंड में एक तरफ SIP खाते बंद होने की रफ्तार नई SIP शुरू होने से ज्यादा हो गई है, वहीं दूसरी तरफ SIP के जरिए आने वाला निवेश रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 में पहली बार SIP स्टॉपेज रेशियो 100% के पार पहुंच गया। यानी जितनी नई SIP शुरू हुईं, उससे ज्यादा SIP बंद या पूरी हो गईं। अप्रैल में भी यही स्थिति बनी रही। इसके बावजूद मार्च में SIP के जरिए 32,087 करोड़ रुपये और अप्रैल में 31,115 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में शामिल है।
हालांकि, SIP स्टॉपेज रेशियो को सीधे निवेशकों के भरोसे में कमी के रूप में नहीं देखना चाहिए। इस आंकड़े में वे SIP भी शामिल होती हैं जिनकी तय अवधि पूरी हो जाती है। इसके अलावा कई निवेशक एक फंड से दूसरे फंड में जाते हैं, अपने निवेश को व्यवस्थित करते हैं या निवेश का तरीका बदल लेते हैं। यानी SIP बंद होने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि निवेशक बाजार छोड़कर चले गए हैं।
अप्रैल 2026 तक SIP के जरिए निवेशित कुल संपत्ति (AUM) बढ़कर 16.85 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई, जो म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल संपत्ति का 20% से ज्यादा हिस्सा है। वहीं सक्रिय SIP खातों की संख्या 9.64 करोड़ रही। ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म और खुद से निवेश करने के ट्रेंड ने निवेशकों के व्यवहार में बड़ा बदलाव किया है। खासकर युवा निवेशक बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान जल्दी फैसले लेते हैं। तेजी के दौर में SIP शुरू करना और गिरावट आने पर उसे रोक देना अब आम होता जा रहा है।

