महिलाओं के लिए एफडी की व्यवस्था, दो साल तक के लिए 7.5 फीसदी ब्याज 

महिलाओं के लिए इस बजट में महिला सम्मान सेविंग सर्टिफिकेट नाम से फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की व्यवस्था की गई है। यह दो साल के लिए होगी और इस पर 7.5 फीसदी ब्याज मिलेगा। इसे महिला के नाम से या लड़कियों के नाम से शुरू किया जा सकता है। इसमें अधिकतम दो लाख रुपये जमा कर सकते हैं और। आप चाहें तो आंशिक निकासी भी इस दौरान कर सकते हैं। 

वरिष्ठ नागरिक सेविंग स्कीम की डिपॉजिट सीमा अब 15 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। मासिक आय रकम (एमआईएस) की सीमा भी 4.5 लाख से बढ़ाकर 9 लाख रुपये की गई है। संयुक्त खाते के लिए यह सीमा 9 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी गई है। एमआईएस में कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है। 

आजाद भारत में पहली बार 1949-50 के बजट में आयकर की दरें तय की गई थीं। इससे पहले 10 हजार तक की सालाना आय पर चार पैसे कर लगता था। बाद में इसे घटाकर तीन पैसे किया गया। 1949-50 के बजट में आयकर की दरें तय होने के बाद 1,500 रुपये तक की आय को कर मुक्त रखा गया था। उस समय 5,001 से 10 हजार रुपये तक की आय पर 10.94 फीसदी टैक्स देना होता था। 

2014 में नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में आने के बाद काफी सारे बदलाव हुए। 

2014-15- वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2014-15 में 60 साल से कम उम्र वाले करदाताओं के लिए आयकर छूट सीमा दो से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये सालाना की। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह ढाई से तीन लाख रुपये हुई। 

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