15 लाख सालाना कमाई पर केवल देना होगा 10 फीसदी का टैक्स, समझिए 

नई दिल्ली। आठ साल बाद टैक्स के मोर्चे पर करदाताओं को राहत मिली है। लेकिन यह उनके लिए है जो नई टैक्स की व्यवस्था को चुनेंगे। वित्त वर्ष 2023-24 यानी इस साल अप्रैल से इसे लागू किया जाएगा। पुरानी टैक्स व्यवस्था वालों को पहले की ही तरह छूट मिलती रहेगी। नई टैक्स व्यवस्था के तहत छूट की सीमा 7 लाख रुपए कर दी गई। पहले ये 5 लाख रुपए थी। बजट में वेतनभोगियों को एक और राहत दी गई है। 

नए टैक्स सिस्टम में 50,000 रुपए का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी शामिल कर लिया गया है। यानी 7.5 लाख रुपए तक के वेतन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि, आप नौकरी के बजाय कारोबार से कमाई कर रहे हैं तो स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा नहीं मिलेगा। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि आपकी आय 7 लाख रुपए से एक रुपया भी ज्यादा हुई तो टैक्स चुकाना होगा। नए टैक्स सिस्टम के लिए नए स्लैब्स का भी ऐलान हुआ है। उनके लिए अब 3 लाख रुपए तक की आय कर मुक्त होगी। 

पुरानी टैक्स व्यवस्था में 2.5 लाख रुपए तक की सालाना कमाई पहले की तरह कर मुक्त है। इसमें 2.5 से 5 लाख की कमाई पर 5% टैक्स देना होगा। पर इस व्यवस्था में तमाम छूट हैं, इसलिए आपको फायदा होता है। आयकर की धारा 87ए का फायदा उठाकर आप अब भी 5 लाख रुपए तक की सालाना कमाई पर टैक्स बचा सकते हैं। अगर आपकी कमाई 5 लाख 10 हजार रुपए हुई तो आपको 2.60 लाख रुपये पर ही कर देना होता है। क्योंकि 2.5 लाख की कमाई टैक्स के दायरे में नहीं है। 

आयकर रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने के 2 विकल्प हैं। पहले एक ही विकल्प था। लेकिन अप्रैल 2020 में नई टैक्स व्यवस्था भी आ गई जिसमें कोई छूट नहीं मिलती है। यदि आप पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनते हैं तो आपको अपने निवेश के लिए सारे सबूत देने होंगे। पर नई व्यवस्था में ऐसा कुछ नहीं है। 

अगर आप 15 लाख कमाते हैं तो आपको केवल 10 फीसदी ही टैक्स देना होगा। इसे ऐसे समझ सकते हैं जैसे 3 लाख तक कमाई पर शून्य टैक्स है। फिर 3-6 लाख पर 5 फीसदी यानी 15 हजार रुपये, 6-9 लाख पर 10 फीसदी यानी 30 हजार रुपये, 9-10 लाख पर 15 फीसदी यानी 15 हजार रुपये, 9-12 लाख पर 15 फीसदी यानी 45 हजार रुपये और 12-15 लाख पर 20 फीसदी यानी 60 हजार रुपये टैक्स देना होगा। इस तरह से 15 लाख पर केवल 1.5 लाख रुपये ही टैक्स देना होगा।  

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