वोडाफोन आइडिया को राहत, बैंकों की 25,000 करोड़ रुपये लोन देने में बढ़ी दिलचस्पी
मुंबई- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई वाले कंसोर्शियम के साथ लोन के लिए वोडाफोन आइडिया की बातचीत जल्द अंजाम तक पहुंच सकती है। 25,000 करोड़ रुपये के इस लोन पर कुछ हफ्तों में फैसला हो जाने की उम्मीद है। इससे यह संकेत मिलता है कि एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) पर हाल में मिली राहत के बाद कंपनी को लोन देने में बैंकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
5 मई को वोडाफोन आइडिया का शेयर 2.76 फीसदी चढ़कर 10.81 रुपये पर पहुंच गया। बीते एक महीने में यह शेयर 23 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। बैंकों का कंसोर्शियम 10,000 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) के साथ 25,000 करोड़ रुपये के लोन के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल 4G और 5G इक्विपमेंट खरीदने के लिए करेगी।
एजीआर बकाया पेमेंट पर जनवरी में रोक लगने के बाद से बैंकों के साथ वोडाफोन आइडिया की बातचीत चल रही है। लोन के प्रस्ताव पर विचार करने के लिए पिछले हफ्ते दोनों पक्षों ने मुलाकात की थी। वोडाफोन आइडिया (Vi) ने बैंकों को आश्वस्त किया है कि नई क्रेडिट लाइन का इस्तेमाल स्पेक्ट्रम का बकाया अमाउंट चुकाने के लिए नहीं होगा। इसके लिए कंपनी अपने आंतरिक कैश फ्लो का इस्तेमाल करेगी।
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) ने वोडाफोन आइडिया के एजीआर बकाया अमाउंट को घटाकर 64,046 करोड़ रुपये कर दिया है। यह पहले के 87,695 करोड़ से 27 फीसदी कम है। साथ ही डीओटी ने पेमेंट का बड़ा हिस्सा FY36-41 तक के लिए टाल दिया है। कंपनी ने 30 अप्रैल को यह जानकारी दी थी। कर्ज के बोझ से दबी वोडाफोन आइडिया के लिए यह दूसरी राहत थी। ऐसी पहली राहत कंपनी को दिसंबर में मिली थी।

