300 करोड़ आईफोन बेचा एपल ने, सिस्को के पास था आईफोन का ट्रेडमार्क

मुंबई- एपल के आईफोन ने अब तक 15 सालों में 300 करोड़ आईफोन की बिक्री की है। आईफोन नाम शुरू में एपल का था ही नहीं। अमेरिकी नेटवर्किंग कंपनी सिस्को के पास इस नाम का ट्रेडमार्क था।

एपल के आईफोन लॉन्च करने के बाद सिस्को ने कंपनी के खिलाफ केस भी किया। बाद में दोनों कंपनियों में समझौता हुआ और दोनों आईफोन नाम इस्तेमाल करने पर सहमत हुए। हालांकि, सिस्को ने Wi-Fi और VoIP (वॉइस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल) तकनीक वाले फोन को iPhone नाम से बेचा था।

दुनिया का सबसे महंगा आईफोन करीब 142 करोड़ में बिका था। इसे ब्रिटिश डिजाइनर स्टुअर्ट ह्यूज ने कस्टमाइज किया था। इसमें 135 ग्राम 24 कैरेट सोना और 600 सफेद हीरे लगाए गए थे। होम बटन की जगह 24 कैरेट का काला हीरा लगाया गया था।

आईफोन बेहद महंगे होने के बावजूद दुनिया में अब तक 300 करोड़ से ज्यादा बिक चुके हैं। इनमें से 250 करोड़ से ज्यादा एक्टिव हैं। 2018 में यह संख्या करीब 130 करोड़ थी। यानी सिर्फ 8 साल में करीब 120 करोड़ की बढ़ोतरी हुई। 9 जनवरी 2007, सैन फ्रांसिस्को में स्टीव जॉब्स एक मंच पर खड़े थे। हाथ में एक नया डिवाइस था। जॉब्स ने इसे तीन चीजों का मेल बताया- मोबाइल फोन, टच वाला आईपॉड और इंटरनेट कम्युनिकेशन डिवाइस। यही था पहला आईफोन।

उस समय इसमें न 5G था, न एप स्टोर, न फेस आईडी, और न ही एआई। लेकिन इसकी 3.5 इंच की टचस्क्रीन ने फोन चलाने का तरीका बदल दिया। टैप, स्वाइप और पिंच से फोन चलने लगा। बटन और कीपैड की जरूरत खत्म हो गई। इसने इंटरनेट के इस्तेमाल का भी तरीका बदल दिया।

पहला आईफोन जून 2007 में बाजार में आया और सिर्फ 74 दिनों में इसकी 10 लाख यूनिट बिक गईं। उस वक्त शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यह छोटी सी डिवाइस आने वाले सालों में एपल की सबसे बड़ी ताकत बन जाएगी। करीब दो दशक बाद अब आईफोन की कहानी एक और बड़े मोड़ पर है। स्टीव जॉब्स नहीं हैं। टिम कुक भी अब CEO नहीं हैं। अब एपल की कमान जॉन टर्नस के हाथ में है। उन्हें 1 सितंबर 2026 को एपल का CEO बनाया गया। वे करीब 25 साल से एपल में काम कर रहे हैं।

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