15 दिन में 20 प्रतिशत टूटा हेक्सागॉन न्यूट्रिशन का शेयर, अब यहां पहुंचा भाव
अजीत सिंह
मुंबई- न्यूट्रिशन सेक्टर की कंपनी हेक्सागॉन न्यूट्रिशन के निवेशकों को पिछले 15 दिनों में 20 प्रतिशत का घाटा हुआ है। इस कंपनी का शेयर 15 जुलाई को अपने टॉप पर 78 रुपये के भाव पर पहुंचा था, लेकिन अब यह गिरकर 63 रुपये पर आ गया है। हालांकि, 12 जून को तो यह 48 रुपये के अब तक के निचले स्तर पर पहुंच गया था। ऐसे में इसके शेयरों में भारी उतारचढ़ाव से निवेशक चिंतित हैँ।
कंपनी ने जून में आईपीओ लाया था और 138 करोड़ रुपये जुटाए थे। उस समय कंपनी ने जो प्रजेंटेशन किया था उसमें इसके शुद्ध मुनाफे में अविश्वसनीय उतार-चढ़ाव देखा गया था। उदाहरण के तौर पर 2023 में इसका शुद्ध फायदा केवल 5.82 करोड़ रुपये था 2025 में 12 करोड़ और 31 मार्च 2025 तक 24 करोड़ रुपये हो गया। अब यह फायदा बढ़कर 38 करोड़ रुपये हो गया है।
हालांकि कंपनी की आय में इस तरह का उछाल नहीं देखा गया है। 2025 में इसकी इनकम 331 करोड़ रुपये थी जो 2024 में 304 करोड़ रुपये थी। 2023 में यह 281 करोड़ रुपये थी। 1993 में बनी हेक्सागॉन की देश में कुल तीन मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां हैं।
कंपनी के शेयरों में भारी उतार-चढ़ाव के चलते इसे ईएसएम स्टेज में डाल दिया गया है। इसका मतलब यह है कि किसी शेयर की कीमतों में जब अविश्वसनीय तरीके से उतार -चढ़ाव आता है तो उस शेयर को रेगुलेटर की निगरानी में डाल दिया जाता है ताकि किसी नुकसान से निवेशकों को बचाया जा सके। इस शेयर के उतार चढ़ाव के कारण ऐसा फैसला लिया गया है।
कंपनी ने 45 रुपये के भाव पर जून में आईपीओ लाया था। इसमें प्रमोटरों की होल्डिंग अभी 64 फीसदी के ऊपर है। विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी कंपनी के शेयरों में निवेश करने से पहले उसकी अच्छी तरह से जांच कर लें। सेबी ने पिछले कुछ सालों में ऐसी कई कंपनियों को निगरानी में डाला है और कई कंपनियों पर फाइन भी लगाया है।

