एनएसई के शेयरों का लगातार घट रहा है ग्रे मार्केट भाव, अब यहां पहुंची कीमत

मुंबई- एनएसई का आईपीओ खुलने से पहले शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम लगातार घट रहा है। यह आईपीओ 17 से 21 सितंबर तक खुलेगा।

अब शेयर पर जीएमपी घटकर करीब 10-11 फीसदी पर आ गया है। पहले यह 179 रुपये था, जो 10.03 फीसदी लिस्टिंग गेंस का संकेत देता है। जीएमपी से शेयर पर 11.65 फीसदी लिस्टिंग गेंस का संकेत मिलता है। एक दिन पहले शेयर का जीएमपी 12 फीसदी से ज्यादा था।

जीएमपी में कमी के बीच एनालिस्ट्स का कहना है कि एनएसई की काफी निर्भरता डेरिवेटिव्स पर है, जो इसके लिए बड़ा रिस्क है। एनएसई के रेवेन्यू में ऑप्शंस ट्रांजेक्श फीस की बड़ी हिस्सेदारी है।  प्राइस बैंड के 1,785 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर वैल्यूएशन FY26 की अर्निंग्स का करीब 43 गुना है। यह वाजिब है, लेकिन इसे कम नहीं कहा जा सकता। आगे एक्सचेंज की ग्रोथ कैपिटल मार्केट में पार्टिसिपेशन बढ़ने, कैश-मार्केट एक्टिविटी, नए प्रोडक्ट्स, डेटा, सूचकांकों और गिफ्ट सिटी पर निर्भर करेगा। सिर्फ मार्केट शेयर बढ़ने से काम नहीं चलेगा।”

डेरिवेटिव्स पर निर्भरता एक्सचेंज के लिए बड़ा रिस्क है। रेवेन्यू में ऑप्शन ट्रांजेक्शंस फीस का बड़ा योगदान है। लिस्टिंग के बाद इनवेस्टर्स को अर्निंग्स ग्रोथ, कैश मार्केट वॉल्यूम, ऑप्शंस एक्टिविटी और प्रॉफिटबिलिटी पर नजर रखनी होगी।

NSE का मानना है कि यूपीआई से 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज का ट्रॉजेक्शन वॉल्यूम पर थोड़ समय तक असर पड़ेगा। लेकिन, बाद सब सामान्य हो जाएगा। एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि इस इश्यू में कई पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेच रहे हैं। हालांकि, यह आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब बाजार का सेंटीमेंट काफी कमजोर है।

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