IDBI बैंक में 61% हिस्सा बेचेगी सरकार और LIC, कनाडा व दुबई की कंपनी से डील

मुंबई- भारत सरकार और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) मिलकर IDBI बैंक में अपनी 60.7% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में हैं। इस स्ट्रैटेजिक डिसइनवेस्टमेंट यानी विनिवेश के लिए कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और दुबई की एमिरेट्स NBD ने बोलियां लगाई हैं, जो अभी वैल्यूएशन के दौर में हैं। यह पूरी डील एक महीने में हो सकती है।

बैंक में हिस्सेदारी बिक्री की प्रोसेस तेजी से आगे बढ़ रही है। एक पैनल ने एक मीटिंग की थी, जिसमें इस ट्रांजैक्शन को आगे बढ़ाने के लिए रिव्यू किया गया था। अभी कंपनियों की रिवाइज बोलियों की जांच की जा रही है। यह प्रस्तावित ट्रांजैक्शन केंद्र सरकार के स्ट्रैटेजिक डिसइन्वेस्टमेंट प्रोग्राम का एक अहम हिस्सा है।

IDBI बैंक में भारत सरकार की हिस्सेदारी 45.48% है। LIC के पास बैंक के 49.24% शेयर हैं। दोनों मिलकर अपनी कुल हिस्सेदारी में से 60.7% हिस्सा बेच रहे हैं। IDBI बैंक में कंट्रोलिंग स्टेक खरीदने के लिए दो मुख्य दावेदार मैदान में हैं। इनमें पहला नाम भारतीय मूल के कनाडाई अरबपति प्रेम वत्सा की कंपनी ‘फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स’ का है। वहीं दूसरा दावेदार दुबई का प्रमुख बैंकिंग ग्रुप एमिरेट्स NBD है।

मौजूदा मार्केट प्राइज के हिसाब से इस प्रस्तावित अधिग्रहण की कुल वैल्यू लगभग 5.7 बिलियन डॉलर आंकी गई है। यह डील पूरी हो जाती है, तो यह भारत के बैंकिंग सेक्टर के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े विदेशी निवेशों में से एक होगा। इस विनिवेश प्रक्रिया से जुड़ी खबरों के बीच IDBI बैंक के शेयरों में तेजी देखी गई।

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