एटीएम में नकदी की हो सकती है किल्लत, सरकार ने बैंकों को दी यह सलाह
मुंबई- वित्तीय सेवा विभाग ने बैंकों से एटीएम में नकदी भरने में आ रही दिक्कतों के बारे में शनिवार को विस्तृत जानकारी मांगी। विभाग ने बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) को भेजे ईमेल में कहा, ‘बैंकों से अनुरोध है कि वे इस मामले की जांच करें और अपनी राय दें। इसमें नकदी भरने में आ रही दिक्कतों के कारण (यदि कोई हों) और उन्हें दूर करने के लिए उठाए जा रहे कदम शामिल हों।
एटीएम उद्योग परिसंघने पिछले सप्ताह भारतीय बैंक संघ को आगाह किया था कि नकदी की उपलब्धता समस्या बनती जा रही है और देश भर में एटीएम सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। दरअसल, अर्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की नकदी पर निर्भरता अधिक है। इन क्षेत्रों में प्रत्यक्ष हस्तांतरण लाभार्थियों के लिए एटीएम नकदी प्राप्त करने का प्रमुख केंद्र है।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को कहा था, ‘यदि नकदी की कमी होती है तो हम निश्चित रूप से यह तय करेंगे कि कमी पूरी हो। हमारा पूरा प्रयास यह सुनिश्चित करना होगा कि जहां भी एटीएम में एक या दो स्थानों पर नकदी की कमी हो, वहां हम तुरंत और तेजी से नकदी पहुंचाएं।’
वरिष्ठ बैंकरों ने इस तथ्य की ओर इशारा किया कि यदि एटीएम में नकदी खत्म हो जाती है तो बैंकों को भी इसकी लागत वहन करनी पड़ती है।
रिजर्व बैंक ने अक्टूबर 2021 में कहा था कि यदि बैंकों और व्हाइट-लेबल ऑपरेटरों द्वारा संचालित किसी एटीएम में महीने में 10 घंटे से अधिक समय तक नकदी खत्म हो जाती है (यानी 10,000 रुपये या उससे कम) तो वह बैंकों और व्हाइट-लेबल ऑपरेटरों पर जुर्माना लगाएगा।

