मारुति सुजुकी का फायदा 6.5 प्रतिशत घटा, 140 रुपये देगी हर शेयर पर डिविडेंड

मुंबई- देश की सबसे बड़ी कार कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया का मार्च तिमाही के दौरान उसका कंसोलिडेट नेट मुनाफा 6.45 प्रतिशत घटकर 3,659 करोड़ रुपये रह गया। वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री के बावजूद बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव के असर के चलते कंपनी का मुनाफा घटा है।

मुनाफे में कमी मुख्य रूप से मार्केट प्राइस एडजस्टमेंट के प्रभाव के कारण हुई। साथ ही नॉन-ऑपरेशनल इनकम में कमी और बॉन्ड यील्ड में बदलाव से कागजी नुकसान हुआ। मार्च तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन से कुल आय 28.2 प्रतिशत बढ़कर 52,462.5 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान अवधि में 40,920.1 करोड़ रुपये थी।

कंपनी ने पहली बार चौथी तिमाही में 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध बिक्री का आंकड़ा पार किया। समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 48,125.3 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 37,585.5 करोड़ रुपये था।

चौथी तिमाही में कंपनी ने अब तक की सबसे अधिक 6,76,209 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की तुलना में 11.8 प्रतिशत अधिक है। घरेलू बिक्री 5,38,994 इकाई रही, जबकि निर्यात 1,37,215 इकाई के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹140 प्रति शेयर (फेस वैल्यू ₹5) का डिविडेंड देने की सिफारिश की है। पिछले वर्ष FY2024-25 में यह ₹135 प्रति शेयर था। बोर्ड ने डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 7 अगस्त 2026 तय की है। यानी, जिनके डीमैट में इस तारीख तक शेयर होंगे, उनकों डिविडेंड का लाभ मिलेगा। वहीं, डिविडेंड के भुगातन की तारीख 9 सितंबर 2026 है।

एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, मारुति सुजुकी के वित्त वर्ष के अंत तक लगभग 1,90,000 ग्राहकों के ऑर्डर लंबित थे, जिनमें से करीब 1,30,000 ऑर्डर छोटे कार सेगमेंट (18% GST कैटेगरी) के थे। इसके अलावा, डीलर इन्वेंट्री भी लगभग 12 दिनों के मिनिमम स्तर पर रही।

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