देश में बेरोजगारी और बढ़ी, 6 महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंची
मुंबई- देश मं फरवरी में बेरोजगारी दर बढ़कर 8.1% के छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई। जनवरी में यह 10 महीने के निचले स्तर 6.57% पर आ गई थी। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) ने यह आंकड़ा जारी किया है।
बेरोजगारी दर 8.1% रहने का मतलब यह है कि काम करने को तैयार हर 1000 कामगारों में से 81 को काम नहीं मिल पाया। CMIE हर महीने 15 से अधिक उम्र के लोगों का घर-घर जाकर सर्वे करता है और उनसे रोजगार की स्थिति की जानकारी लेता है। इसके बाद जो परिणाम मिलते हैं उनसे रिपोर्ट तैयार की जाती है।
पिछले महीने गांवों में बेरोजगारी 8 महीने के रिकॉर्ड स्तर पर थी। CMIE के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी 2022 में गांवों में बेरोजगारी 2.51% बढ़कर 8.35% पर पहुंच गई। शहरों इलाकों में बेरोजगारी दर पिछले महीने 7.55% रही जो चार महीने का निचला स्तर है। शहरों की बेरोजगारी दर नवंबर 2021 में 8.2%, दिसंबर 2021 में 9.3%, जनवरी 2022 में 8.16% और फरवरी 2022 में 7.55% पर रही।
कुछ राज्यों के मनरेगा बजट में कमी और गांवों में गैर-कृषि क्षेत्र में नए रोजगार की सीमित उपलब्धता के चलते गांवों में बेरोजगारी दर में उछाल रही और यह फरवरी में आठ महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई। CMIE के मुताबिक 2021 में मई में बेरोजगारी दर 11.84% पर पहुंच गई थी। हालांकि जनवरी 2022 में 6.57% पर आई थी, लेकिन अब ये फिर से बढ़ने लगी है।
CMIE के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था की सेहत को बेरोजगारी दर सही तरह से दर्शाती है, क्योंकि यह देश की कुल जनसंख्या में कितने बेरोजगार हैं, इसको बताती है। थिंक टैंक को उम्मीद है कि रबी फसल की बुआई की शुरुआत में तेजी देखने को मिल सकती है। इसका मतलब है कि चालू वित्त वर्ष में एग्री सेक्टर एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करेगा।

