आईआरएफसी देगी अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड, मुनाफा 1958 करोड़ रुपये
मुंबई- रेलवे सेक्टर की सरकारी फाइनेंस कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) का दूसरी तिमाही में नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 10% बढ़कर ₹1,958 करोड़ हो गया। कंपनी ने अब तक का सबसे बड़ा डिविडेंड घोषित किया है जो हर शेयर पर 1.15 रुपये होगा। IRFC ने डिविडेंड के लिए 23 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है।
जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान IRFC का रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस बढ़कर ₹7,866.41 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹6,371.89 करोड़ था। इस तरह इसमें करीब 23.5% की बढ़ोतरी हुई।
कंपनी की कुल इनकम इस दौरान ₹7,924 करोड़ रही। एक साल पहले यह करीब ₹6,372 करोड़ थी। वहीं, कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹5,966 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹4,595 करोड़ था। अगर किसी निवेशक के पास IRFC के 1,000 शेयर हैं, तो उसे कुल ₹1,150 का डिविडेंड मिलेगा।
IRFC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार दुबे ने कहा कि कंपनी की IRFC 2.0 रणनीति के शुरुआती नतीजे दिखने लगे हैं। इसके तहत कंपनी भारतीय रेलवे के पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर रेलवे से जुड़े दूसरे क्षेत्रों में भी फाइनेंसिंग के मौके तलाश रही है।
30 सितंबर 2026 तक IRFC की नेटवर्थ बढ़कर ₹60,573 करोड़ हो गई। एक साल पहले यह ₹56,194 करोड़ थी। शेयर तीन महीने में करीब 11% और छह महीनों में 22% टूटा है। एक साल में शेयर करीब 36.7% टूट चुका है। यानी एक लाख का निवेश घटकर 64,000 रुपये रह गया है।

