15 साल में निफ्टी सबसे अधिक घाटा देने की ओर, इस साल 13 पर्सेंट टूटा
अजीत सिंह
मुंबई- लगातार 8वें हफ्ते गिरावट में पहुंचे भारतीय शेयर बाजार 15 साल में पहली बार घाटा देने की ओर बढ़ रहे हैं। इस साल अब तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई का निफ्टी 13 पर्सेंट के करीब टूट गया है। जबकि इसमें भारी गिरावट अब भी जारी है।
आंकड़ों से पता चलता है कि 2008 में वैश्विक मंदी के दौरान निफ्टी ने सबसे अधिक 51.8 पर्सेंट का घाटा दिया था। हालांकि, इसके बाद रिकवरी शुरू हुई और बाजार ने 2009 में 75.8 फीसदी का फायदा दिया। 2010 में भी यह फायदा जारी रहा और 18 पर्सेंट बढ़त के साथ बाजार बंद हुए।
2011 में निफ्टी ने 24.6 पर्सेंट का घाटा दिया था और 2012 में 27.7 पर्सेट का फायदा दिया। 2013 में इसमें 6.8 पर्सेंट की तेजी दर्ज की गई और 2014 में मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद इसमें 31 पर्सेंट से ज्यादा की तेजी देखी गई। 2015 में हालांकि, निफ्टी ने 4 पर्सेंट का घाटा दिया और 2016 में भी महज तीन प्रतिशत के ही फायदे से निवेशकों को संतोष करना पड़ा।
2017 में आईपीओ की तेज बहार में निफ्टी का फायदा बढ़कर 28 पर्सेंट से ज्यादा हो गया और 2018 में यह घटकर तीन पर्सेंट पर आ गया। 2019 में कोरोना के दौरान भी निफ्टी ने निवेशकों को 12 पर्सेंट का दो अंकों का रिटर्न दिया। 2020 में 15 पर्सेंट, 2021 में 24 पर्सेंट, 2022 में 4.3 पर्सेंट और 2023 में निफ्टी ने 20 पर्सेंट का फायदा दिया था। 2024 में 8.8 पर्सेंट का फायदा मिला था। 2025 में 10.5 फीसदी का फायदा दिया था।

