पटना की म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी SIDA Services ने निवेशकों के लिए इन्वेस्टर लर्निंग सेंटर शुरू किया
पटना: पटना की AMFI में रजिस्टर्ड म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर कंपनी SIDA Services ने वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) और निवेशक शिक्षा (Investor Education) को बढ़ावा देने के लिए एक इन्वेस्टर लर्निंग सेंटर शुरू किया है। इस सेंटर का उद्घाटन आइसीआइसीआइ प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ निमेश शाह ने किया।
इस लॉन्च के साथ ही SIDA Services ने अपनी वित्तीय साक्षरता पहल ‘पैसा की पाठशाला’ की पायलट शुरुआत भी की है। इस कार्यक्रम का मकसद निवेशकों को पर्सनल फाइनेंस, लंबी अवधि के निवेश (Long-term Investing) और परिवार की वित्तीय योजना (Family Financial Planning) से जुड़े अहम पहलुओं को आसान, व्यवस्थित और बातचीत वाले अंदाज में समझाना है।
इस सेंटर में 15 से 20 लोगों के छोटे-छोटे ग्रुप में लर्निंग सेशन आयोजित किए जाएंगे। ये सेशन क्लासरूम की तरह लेक्चर देने के बजाय बातचीत और गुफ्तगू के अंदाज में होंगे। इनमें वसीयत और संपत्ति की योजना (Estate Planning), महंगाई (Inflation), व्यवस्थित निवेश (Systematic Investing), कर्ज लेने में अनुशासन, रिटायरमेंट प्लानिंग (Retirement Planning) और परिवार के वित्तीय फैसलों (Family Financial Decision-making) जैसे विषयों पर चर्चा होगी। हर सेशन करीब 45 से 75 मिनट का होगा, जिसके बाद सवाल-जवाब का इंटरैक्टिव दौर भी चलेगा।
यह पहल निवेशकों को बेहतर तरीके से जागरूक करने की ज़रूरत को ध्यान में रखकर शुरू की गई है। नेशनल सेंटर फॉर फाइनेंशियल एजुकेशन के मुताबिक, भारत में सिर्फ 27% लोग ही वित्तीय रूप से साक्षर हैं। वहीं दूसरी तरफ, म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों की बढ़ती हिस्सेदारी अब देश के बड़े शहरों से बाहर भी देखने को मिल रही है।
फिलहाल 54% एक्टिव SIP अकाउंट B-30 शहरों से आते हैं। आयोजकों का कहना है कि बिहार भी इसी बदलते रुझान की एक बड़ी मिसाल है। यहां लोग व्यवस्थित निवेश में दिलचस्पी तो दिखा रहे हैं, लेकिन सही और भरोसेमंद आमने-सामने की रहनुमाई मिलने के बाद ही सोच-समझकर निवेश से जुड़े फैसले लेना चाहते हैं।
SIDA Services के फाउंडर संजीव दयाल ने कहा, “निवेशक शिक्षा को वहां तक पहुंचना चाहिए, जहां लोग रहते हैं और अपने वित्तीय फैसले लेते हैं। इस लर्निंग सेंटर, जहां ‘पैसा की पाठशाला’ चलेगी, के ज़रिए हमारा मकसद ऐसा आरामदायक माहौल तैयार करना है, जहां लोग और परिवार बेझिझक सवाल पूछ सकें, वित्तीय बातों को समझ सकें और ज्यादा समझदारी से अपने फैसले ले सकें।”
लर्निंग सेंटर में होने वाले सेशन लोगों की उम्र के बजाय उनके जीवन के अलग-अलग पड़ाव को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे। युवाओं के लिए SIP में नियमित निवेश, बजट बनाना और कर्ज से जुड़ा व्यवहार (Credit Behaviour) जैसे विषय होंगे। नौकरीपेशा लोगों और परिवारों के लिए महंगाई, लक्ष्य आधारित योजना, वित्तीय सुरक्षा और परिवार की वित्तीय योजना पर चर्चा होगी। वहीं उम्रदराज निवेशकों के लिए रिटायरमेंट फंड तैयार करना, नियमित आय की योजना और संपत्ति की योजना जैसे विषय शामिल होंगे।
SIDA Services इस कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार (Outreach), शेड्यूल और ज़मीनी स्तर पर इसके संचालन की जिम्मेदारी संभालेगी। कंपनी का कहना है कि इस मॉडल का पूरा फोकस शिक्षा पर रहेगा और इन सेशनों का मकसद सिर्फ लोगों में जागरूकता और समझ बढ़ाना होगा। किसी खास प्रोडक्ट से जुड़ी चर्चा या किसी व्यक्ति को अलग से वित्तीय सलाह जरूरत पड़ने पर अलग वन-टू-वन बातचीत में ही दी जाएगी।

