कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से तेल कंपनियों के शेयरों में आई भारी गिरावट
मुंबई- कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट का असर तेल कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दे रहा है। बुधवार को ऑयल इंडिया का शेयर 9.45 फीसदी गिरकर बंद हुआ। ओएनजीसी का शेयर 2.74 फीसदी की कमजोरी के साथ 251.90 रुपये पर बंद हुआ।
ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड गिरकर 91 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। डब्ल्यूटीआई क्रूड गिरकर करीब 88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। ईरान के खिलाफ अमेरिकी की संक्षिप्त सैन्य कार्रवाई के बाद फिर से दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावना दिख रही है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है।
चीन की कमजोर मांग का असर भी क्रूड की कीमतों पर पड़ा है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, चीन की डिमांड के नए डेटा कमजोर हैं। चीन ऑयल का सबसे बड़ा इंपोर्टर है। पिछले महीने चीन का क्रूड का इंपोर्ट गिरकर रोजाना 78 लाख बैरल पर आ गया। यह बीते 8 सालों में सबसे कम है और पिछले साल के एवरेज से काफी कम है।
क्रूड की कीमतों में उछाल आने पर अपस्ट्रीम ऑयल कंपनियों को फायदा होता है। क्रूड में नरमी से उन्हें नुकसान होता है। भारत में ओएनजीसी और ऑयल इंडिया अपस्ट्रीम ऑयल कंपनियां हैं। दोनों कंपनियां सरकार की हैं। अपस्ट्रीम कंपनियों से मतलब ऑयल का उत्पादन करने वाली कंपनियों से है।
28 फरवरी को अमेरिका-ईरान में लड़ाई शुरू हुई थी। तब क्रूड की कीमत करीब 72 डॉलर प्रति बैरल थी। लेकिन, लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल दिखा। एक समय कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक चली गई थीं।

