कांग्रेस में टीएमसी का हो सकता है विलय, ममता बनर्जी और सोनिया के बीच वार्ता

मुंबई- ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक में विपक्षी एकजुटता मजबूत करने पर जोर देने के एक दिन बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने 9 जून को कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी से मुलाकात की। यह मुलाकात सोनिया गांधी के आवास ’10 जनपथ’ पर हुई। बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल की हार और रिजल्ट आने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं एवं सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमलों के बाद बनर्जी और गांधी के बीच यह पहली बंद कमरे में हुई बैठक थी।

सूत्रों ने कहा कि दोनों नेता विपक्षी गठबंधन की बैठक के बाद दोनों पार्टियों के बीच आगे की रणनीति और हाल के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल की हार के बाद कई नेताओं के पार्टी से अलग होने के बाद की रणनीति पर चर्चा की। दोनों पार्टियों ने बैठक के ब्यौरे का खुलासा नहीं किया है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि बनर्जी ने कांग्रेस की प्रमुख नेता के साथ बातचीत के दौरान विपक्षी एकता पर जोर दिया है।

इस बात को ध्यान दिया गया कि ‘इंडिया’ गठबंधन को जनता से जुड़े मुद्दों सहित विभिन्न मुद्दों पर BJP से मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। विपक्षी गठबंधन की सोमवार को हुई बैठक में बनर्जी ने सभी घटक दलों से अतीत की बातों को भूलकर एकजुट होने का आग्रह किया था। बैठक में बनर्जी ने कहा था कि विपक्षी गठबंधन के नेताओं को एक-दूसरे की आलोचना करने से बचना चाहिए। यह कांग्रेस से इतर अलग विपक्षी गठबंधन बनाने के उनके अतीत के प्रयासों से अलग रुख है।

वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद, ममता बनर्जी ने विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करने की कांग्रेस की क्षमता पर सवाल उठाया था। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और बनर्जी सोमवार को यहां विपक्षी गठबंधन की बैठक के दौरान गर्मजोशी से एक-दूसरे से गले मिली थीं।

तृणमूल कांग्रेस के 80 विधायकों में से अधिकतर ने पहले ही राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में रिताब्रता बनर्जी के नेतृत्व में एक अलग समूह का गठन कर लिया है। विधानसभा चुनाव में तृणमूल की हार और चुनाव के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं तथा सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित हमलों के बाद बनर्जी और सोनिया गांधी के बीच पहली बार बंद कमरे में मुलाकात हुई।

कांग्रेस ने जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद देने की पेशकश भी की है। टीएमसी इस वक्त राजनीतिक और संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है।

सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी से कांग्रेस के साथ हाथ मिलाकर लड़ने की अपील की है। हालाकि इसका मतलब कांग्रेस और टीएमसी का विलय नहीं होगा। सोनिया ने बस साथ मिलकर काम करने को कहा है। यह बैठक TMC के भीतर गहरे होते संकट के बीच हुई है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस में TMC के विलय की बात चल रही है। दावा किया जा रहा है कि सोनिया गांधी ने टीएमसी के विलय का प्रस्ताव देते हुए ममता बनर्जी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का ऑफर दिया है। साथ ही उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी को कांग्रेस महासचिव का पद देने का प्रस्ताव रखा है।

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