बॉम्बे हाईकोर्ट से वोडाफोन और एयरटेल को राहत, बैंक गारंटी भी वापस मिलेगी

मुंबई- भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया पर केंद्र सरकार के लगाए गए वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज (OTSC) को बॉम्बे हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया है। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि सरकार के पास टेलीकॉम लाइसेंस दिए जाने के सालों बाद वित्तीय शर्तों को पिछली तारीख (रेट्रोस्पेक्टिव) से बदलने का कोई अधिकार नहीं है।

जस्टिस मनीष पितले और जस्टिस श्रीराम वी. शिरसाट की डिवीजन बेंच ने सरकार के 2012 के इस फैसले को खारिज करते हुए कंपनियों की बैंक गारंटी भी लौटाने का निर्देश दिया है। बेंच ने केंद्र सरकार के 8 नवंबर और 28 दिसंबर 2012 के उन फैसलों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिनके तहत टेलीकॉम कंपनियों पर जुर्माना लगाया गया था।

सरकार ने इन फैसलों के जरिए जुलाई 2008 से 6.2 मेगाहर्ट्ज (MHz) से अधिक के स्पेक्ट्रम होल्डिंग पर वन-टाइम स्पेक्ट्रम चार्ज लगाया था। कोर्ट ने न केवल सरकार के डिमांड नोटिस को रद्द किया, बल्कि टेलीकॉम ऑपरेटर्स द्वारा जमा की गई बैंक गारंटी को भी वापस करने का आदेश दिया है।

यह पूरा विवाद सुप्रीम कोर्ट के 2G स्पेक्ट्रम फैसले के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद केंद्र सरकार ने तय सीमा से अधिक स्पेक्ट्रम रखने वाले पुराने ऑपरेटर्स पर वन-टाइम चार्ज लगाने का फैसला किया। टेलीकॉम विभाग (DoT) ने जुलाई 2008 से 6.2 मेगाहर्ट्ज से ज्यादा के स्पेक्ट्रम होल्डिंग्स पर यह चार्ज वसूलने की मांग की थी।

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