चांदी 1.68 लाख रुपये हुई सस्ती, जानिए इस समय का भाव और आगे कहां तक जाएगी

मुंबई- 2025 में सबसे तेज भागने वाले एसेट्स में चांदी की तेजी की रफ्तार अब थम गई है। 2025 में करीब 170 प्रतिशत तक रिटर्न दिया। इसके बाद जनवरी 2026 में इसमें 74 प्रतिशत की और उछाल आई। इसने जनवरी 2026 में MCX पर करीब ₹4,04,500 प्रति किलो का रिकॉर्ड बनाया था।

अब सिल्वर 2025 के बंद भाव 2.41 लाख रुपये से नीचे ट्रेड कर रहा है, यानी इस साल की पूरी कमाई खत्म हो चुकी है। साथ ही, चांदी अपने ऑल टाइम हाई से 40% से ज्यादा गिर चुकी है। मंगलवार को चांदी का भाव करीब 2.36 लाख रुपये प्रति किलो थी। इस गिरावट ने पुराने और नए दोनों तरह के निवेशकों को चौंका दिया है। कई लोग अब अपनी हिस्सेदारी घटाकर सुरक्षित विकल्पों की तरफ जा रहे हैं।

सिल्वर की हालिया गिरावट के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। सबसे बड़ा कारण है मजबूत अमेरिकी डॉलर। जब डॉलर मजबूत होता है, तो बाकी देशों के लिए सिल्वर महंगा हो जाता है और मांग घटती है। ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद भी असर डाल रही है।

जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो लोग ऐसे एसेट्स में पैसा लगाना पसंद करते हैं जहां उन्हें नियमित रिटर्न मिले। सिल्वर ऐसा एसेट नहीं है, इसलिए इसमें निवेश कम होता है। तीसरा बड़ा कारण है मुनाफा निकालना। लंबे समय तक तेजी रहने के बाद निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू किया, जिससे गिरावट और तेज हो गई।

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