इस दीवाली तक सोना जा सकता है 5200 डॉलर के पार, जानिए इसका कारण
मुंबई- दुनिया के कमोडिटी बाजार में इस समय जबरदस्त हलचल है। एक तरफ सोना और चांदी चमक दिखा रहे हैं, तो दूसरी तरफ तेल बाजार गिरावट और अनिश्चितता के बीच झूल रहा है। इस उतार-चढ़ाव के पीछे सबसे बड़ी वजह डॉलर की चाल रही। शुरुआती कमजोरी के बाद डॉलर में थोड़ी मजबूती आई, जिसने सोने और चांदी की कीमतों को नीचे खींच लिया।
हाल के दिनों में डॉलर दबाव में रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की उम्मीद ने डॉलर की सुरक्षित निवेश वाली छवि को कमजोर किया है। साथ ही अमेरिका के महंगाई से जुड़े आंकड़े भी उम्मीद से नरम रहे, जिससे डॉलर और फिसला। यही वजह रही कि सोने-चांदी में शुरुआती तेजी देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि अब बाजार पूरी तरह खबरों के सहारे चल रहा है।
अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होता है, तो डॉलर मजबूत हो सकता है और सोने की चमक कम पड़ सकती है। लेकिन अगर तनाव बढ़ता है, तो महंगाई का दबाव बढ़ेगा और सोना-चांदी फिर से तेजी पकड़ सकते हैं।
तेल बाजार भी इस समय कम नहीं है। भारी गिरावट के बाद अब कीमतें 90 डॉलर के आसपास टिकने की कोशिश कर रही हैं। बाजार में एक तरफ शांति की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ मांग घटने का डर मंडरा रहा है। कायनात चैनवाला के अनुसार, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने 2026 में वैश्विक तेल मांग घटने का अनुमान जताया है। अगर ऐसा होता है, तो यह 2020 के बाद पहली बार हो

