संवत 2082 में बाजार का 15 साल का खराब प्रदर्शन, विदेशी निवेशकों ने निकाले 3 लाख करोड़
मुंबई- पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की भारी बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी 50 पिछले 15 वर्षों का सबसे खराब संवत दर्ज करने की ओर बढ़ रहे हैं।
संवत 2082 में अब तक सेंसेक्स 8.4 फीसदी और निफ्टी 50 करीब 7.3 फीसदी गिर चुका है। इससे पहले संवत 2067 में सेंसेक्स और निफ्टी करीब 17 फीसदी गिरे थे। संवत 2082 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 3.03 लाख करोड़ रुपये (32.36 अरब डॉलर) निकाले।दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने बाजार में 7.74 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।
कच्चे तेल की कीमतें घटने से भारतीय शेयर बाजार को बड़ा फायदा होगा। खासकर लार्जकैप शेयरों को, जिनमें विदेशी निवेशकों ने सबसे ज्यादा बिकवाली की है। उनके मुताबिक, जब तक पश्चिम एशिया संकट के समाधान के संकेत नहीं मिलते, तब तक भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बना रह सकता है। इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और रिसर्च हेड जी चोक्कालिंगम को भी छोटी और मध्यम अवधि में अर्थव्यवस्था तथा शेयर बाजार पर दबाव बने रहने की आशंका है।
निवेशकों को कच्चे तेल की कीमतों और उसके कारण रुपये की विनिमय दर में होने वाले बदलावों पर नजर रखनी चाहिए। आईपीओ बाजार में तेजी के बीच नकदी की उपलब्धता को लेकर भी चिंताएं हैं। अगर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में गिरावट आती है, तो आने वाले समय में आईपीओ की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
संवत 2082 में निफ्टी 500 में शामिल 287 शेयरों यानी करीब 57 फीसदी कंपनियों के शेयरों ने निगेटिव रिटर्न दिया। इनमें से 140 शेयरों में 20 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। हालांकि, इसी दौरान निफ्टी 500 के 17 शेयरों की कीमत दोगुने से ज्यादा हो गई। वहीं, 28 शेयरों में 50 से 93 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई, जबकि 50 शेयरों ने 25 से 49 फीसदी के बीच रिटर्न दिया।
सेक्टर के लिहाज से देखें तो संवत 2082 में एफएमसीजी कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स 18.3 फीसदी गिर गया। इसके अलावा निफ्टी आईटी में 9.2 फीसदी, निफ्टी रियल्टी में 7.8 फीसदी, निफ्टी बैंक में 3.7 फीसदी और निफ्टी ऑटो में 2.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, कैपिटल गुड्स, पीएसयू बैंक और मेटल इंडेक्स ने लगातार छठे साल सकारात्मक रिटर्न दिया। संवत 2082 में इन इंडेक्स में 6 से 22 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली।

