सहाजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज का इश्यू 15 से, प्राइस बैंड 327 से 344 रुपए

मुंबई- सहाजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज ने इक्विटी शेयरों के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के लिए प्राइस बैंड 327 रुपए से 344 रुपए प्रति शेयर तय किया है। आईपीओ गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को निवेश के लिए खुलेगा और सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। निवेशक कम से कम 43 शेयरों के लिए और उसके बाद 43 के गुणांक में बोली लगा सकते हैं। आज की तारीख तक कंपनी के कुल 10,16,46,778 इक्विटी शेयर मौजूद हैं।इस आईपीओ में 1 रुपए फेस वैल्यू वाले 1,38,22,116 इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल शामिल है। इसे कंपनी के प्रमोटर श्री हरि ट्रस्ट, प्रमोटर ग्रुप के सदस्य धीरजकुमार सावजीभाई वसोया और निवेशक शेयरधारक समारा कैपिटल मार्केट्स होल्डिंग लिमिटेड, कोटक प्री-आईपीओ अपॉर्चुनिटीज फंड और एनएचपीईए स्पार्कल होल्डिंग बी.वी. द्वारा बेचा जा रहा है।

इस ऑफर में योग्य कर्मचारियों के लिए 2,50,000 इक्विटी शेयर रिजर्व (कर्मचारी रिजर्व हिस्सा) रखे गए हैं। कुल ऑफर में से कर्मचारियों का हिस्सा घटाने के बाद बचे भाग को ‘नेट ऑफर’ कहा गया है।

इसमें नेट ऑफर का ज्यादा से ज्यादा 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, कम से कम 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स (NIB) के लिए और कम से कम 35% रिटेल निवेशकों (RIB) के लिए रिजर्व रखा गया है। कंपनी की शुरुआत 1999 में एक पार्टनरशिप फर्म के रूप में हुई थी, जिसके बाद 2001 में इसे एक जॉइंट स्टॉक कंपनी के रूप में शामिल किया गया।

F&S रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में ड्रग एल्यूटिंग स्टेंट्स (DES) के बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। वित्त वर्ष 2026 में भारत में कुल DES बिक्री में इसकी हिस्सेदारी लगभग 25% रही। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 31 मार्च 2026 तक जर्मनी, स्पेन, पोलैंड और ब्राजील में DES की बिक्री के मामले में यह टॉप पांच कंपनियों में शामिल है। इसके अलावा 31 मार्च 2026 तक थाईलैंड, दक्षिण कोरिया और भारत में ऑक्लूडर्स की बिक्री के मामले में भी यह टॉप पांच कंपनियों में आती है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 में भारत सहित 77 देशों में अपने प्रोडक्ट्स को डायरेक्ट, हाइब्रिड और डिस्ट्रीब्यूटर मॉडल के जरिए बेचा है, जो वहां के नियमों और बाजार के हिसाब से ढले हुए हैं। भारत में अपने हाइब्रिड मॉडल के जरिए यह नारायणा हृदयालय लिमिटेड जैसे बड़े अस्पतालों को सेवा देती है। यूरोप में जर्मनी, स्पेन, फ्रांस और ब्रिटेन में इसका सीधा संचालन है, जहां यह जटिल नियमों और खरीद प्रक्रियाओं को सफलता से संभालती है।

वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 12,105.04 मिलियन रुपए रहा, जो वित्त वर्ष 2025 में 10,248.79 मिलियन रुपए था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का टैक्स के बाद मुनाफा 690.82 मिलियन रुपए रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह 251.52 मिलियन रुपए था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *