चार साल में पहली बार बढ़ी दर, होम लोन ब्याज दर अब 7.50 फीसदी से ऊपर
मुंबई- महंगाई कंट्रोल करने के लिए रिजर्व बैंक ने चार साल में पहली बार रेपो रेट 0.25% बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। फरवरी 2023, यानी करीब 4 साल बाद रेपो रेट में बढ़त हुई है। रेपो रेट 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। इससे एक तरफ जहां लोन महंगे होंगे, वहीं दूसरी तरफ बैंक जल्द ही अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें भी बढ़ाएंगी। हालांकि, जिन लोगों ने पहले से फिक्स्ड डिपॉजिट करा रखा है, उन्हें इसका तुरंत फायदा नहीं मिलेगा और उन्हें पुरानी दर पर ही ब्याज मिलता रहेगा।
आरबीआई के फैसले के तुरंत बाद बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो आधारित लेंडिंग रेट (आरबीएलआर) बढ़ा दिया है। उसने आरबीएलआर में 25 बेसिस प्वाइंट्स यानी एक-चौथाई फीसदी वृद्धि की है। अब यह 8.35 फीसदी हो गया है। नया रेट 7 अक्तूबर से प्रभावी हो गया है। इसका मतलब है कि आरबीएलआर से जुड़े बैंक को होम लोन, कार लोन और दूसरे लोन महंगे हो जाएंगे।
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद कहा, महंगाई बढ़ गई है, यह और बढ़ने वाली है, यह तय है। साथ में बैंकों से कर्ज लेना भी महंगा होने वाला है।
रेपो रेट वो ब्याज दर है जिस पर बैंक RBI से कर्ज लेता है। फॉर्मूला ये है कि रिजर्व बैंक महंगा कर्ज बैंको को देगा तो बैंक लोगों को और महंगा कर्ज देंगे। इससे लोग कम कर्ज लेंगे और खर्च भी कम करेंगे। खर्च कम करेंगे तो मांग कम होगी, मांग कम होने से महंगाई काबू में रहेगी।
RBI ने महंगाई का अनुमान भी बढ़ाया है। अब 2026-27 में महंगाई दर 5.2% रहने का अनुमान है, जो पहले 5.0% था। हालांकि, अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर है। RBI ने 2026-27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया है।
RBI की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी यानी MPC की तीन दिन चली बैठक के बाद RBI ने अपना रुख भी बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है। आसान भाषा में इसका मतलब है कि फिलहाल ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश कम हो गई है। आने वाले समय में RBI दरों को स्थिर रख सकता है या जरूरत पड़ने पर इन्हें और बढ़ा सकता है।
लोन लेने वाले 10 में से लगभग 7 ग्राहकों की ब्याज दर रेपो रेट से बंधी है। इसलिए रिजर्व बैंक का फैसला देश के ज्यादातर लोन ग्राहकों पर तुरंत असर डालेगा। अगर आपका लोन फ्लोटिंग रेट पर है यानी, रेपो रेट से जुड़ा है तो बैंक आने वाले कुछ ही दिनों में ब्याज दरें बढ़ा देंगे। इससे या तो आपकी EMI बढ़ जाएगी या फिर लोन चुकाने की अवधि लंबी हो जाएगी।
अगर आपने पहले से ही कोई FD करवा रखी है, तो RBI के रेपो रेट बढ़ाने से उसकी ब्याज दर तुरंत बदलेगी। जब आप बैंक में FD बुक करते हैं, तो उस समय तय की गई ब्याज दर पूरे टैन्योर (अवधि) के लिए लॉक रहती है।

