इंफोसिस ने 7 महीने में दिया 42% घाटा, रिलायंस का 5 साल से कोई रिटर्न नहीं
मुंबई- शेयर बाजार की गिरावट में अब अपने आप को बड़े और दिग्गज शेयर मानने वाले भी पीछे रह गए हैं। सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों की बात करें तो इन्होंने निवेशकों को ज्यादा डुबोया है। हालात यह है कि इंफोसिस का शेयर लगातार 8 दिनों से टूट रहा है। रिलायंस का पिछले 5 साल से कोई रिटर्न नहीं है।
अर्थलाभ के आंकड़ों से पता चलता है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर इस समय 1226 रुपये पर कारोबार कर रहा है। 2021 में भी यह इसी भाव पर कारोबार कर रहा था। इसका एक साल का हाई लेवल इसी साल 5 जनवरी को 1611 रुपये और लो 1214 रुपये है। यानी 9 महीने में ही इसने हर शेयर पर 400 रुपये (25 पर्सेंट) का घाटा दिया है। इसका मार्केट कैप 20 लाख करोड़ रुपये से घटकर 16.59 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
इंफोसिस का शेयर अभी 1000 रुपये पर कारोबार कर रहा है। इसका एक साल का हाई इसी साल 26 फरवरी को 1727 रुपये रहा है जबकि लो 984 रुपये है। यानी यह शेयर अब एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसका मतलब कि इसने 7 महीने में ही 42 पर्सेंट से ज्यादा घाटा दिया है। एक लाख रुपये आपने लगाया होगा तो यह रकम अब घटकर 60,000 रुपये रह गयी है। मार्केट कैप के लिहाज से यह कंपनी 4 लाख करोड़ रुपये पर आ गई है। कभी यह 8 लाख करोड़ रुपये की कंपनी हुआ करती थी।
इसी तरह से टाटा समूह की टीसीएस ने 30 पर्सेंट से ज्यादा घाटा दिया है। इसका एक साल में हाई 3336 रुपये था और लो लेवल 1976 रुपये था। इस समय इसका शेयर 2083 रुपये पर कारोबार कर रहा है। यानी इस साल इस कंपनी ने हर शेयर पर 1300 रुपये का घाटा दिया है। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी थी जिसका मार्केट कैप 14 लाख करोड़ रुपये था। अब यह छठें नंबर की कंपनी बन गई है और मार्केट कैप 7.53 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
यही हाल एचडीएफसी बैंक का भी है। इसके मैनेजमेंट में विवाद और कई सारे घोटाले के चलते बैंक के शेयरों की जबरदस्त पिटाई हुई है। इसका शेयर इस समय 735 रुपये पर कारोबार कर रहा है। एक साल में इसका हाई 1020 रुपये और लो 682 रुपये रहा है। यानी हर शेयर पर करीब 300 रुपये का घाटा इस कंपनी ने दिया है।
हालात यह है कि जहां इंफोसिस का शेयर लगातार 8 दिन टूटा है वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। निफ्टी इस दौरान लगातार 8 दिन से टूटा है। ऐसे में लार्ज कैप से लेकर स्मॉल कैप तक के शेयरों की जमकर पिटाई हो रही है।

